डिजिटल दौर में दम तोड़ बैठे दूर संचार निगम के टावर

प्रतापगढ़ डिजिटल दौर में दूर संचार निगम कठिन दौर से गुजर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ब

JagranWed, 28 Jul 2021 10:15 PM (IST)
डिजिटल दौर में दम तोड़ बैठे दूर संचार निगम के टावर

प्रतापगढ़ : डिजिटल दौर में दूर संचार निगम कठिन दौर से गुजर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बीएसएनएल की संचार सेवाओं की हालत दयनीय बनी हुई है। बिजली कटते ही सौ से अधिक टावर काम करना बंद कर देते हैं। जबतक बिजली की आपूर्ति चालू नहीं होती, तबतक टावर से संचार सेवाएं बहाल नहीं हो पाती। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ता बीएसएलएन के संचार सेवा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वर्तमान में 70 हजार उपभोक्ताओं को सेवाएं ठीक से नहीं मिल पा रहीं हैं।

जिले के ग्रामीण अंचल में बीएसएनएल नेटवर्क का आधारभूत ढांचा ही दम तोड़ रहा है। स्थिति यह है कि अंचल के 100 से अधिक टावर लंबे समय से बंद पड़े हैं। जब बिजली रहती है, तभी यह टावर काम करते हैं। भारतीय दूर संचार निगम के मुताबिक जिले भर में करीब 90 हजार उपभोक्ता हैं। इसमें प्री पेड व पोस्ट पैड के उपभोक्ता शामिल हैं। निगम के ग्राहकों को बेहतर नेटवर्क की सुविधा देने के लिए जिले भर में 133 टावर लगाए गए थे। इसमें शहर में ही केवल 13 टावर लगे हैं। बाकी सदर तहसील क्षेत्र में 25, कुंडा में 35, लालगंज में 25 व बाकी के पट्टी व रानीगंज में मिलाकर कुल 133 टावर लगे हुए हैं। पहले निगम के जिला कार्यालय लखनऊ से डीजल आपूर्ति की व्यवस्था थी तो सभी टावरों पर सुचारु रूप से सप्लाई की जाती थी। ऐसे में बिजली न रहने पर जनरेटर के सहारे टावर चलाए जाते थे। वहीं जून 2020 से डीजल मिलना बंद हो गया। इसके बाद से केवल बिजली के रहने पर टावर चलाए जाते हैं। दूर संचार निगम के मंडल अभियंता एमपी यादव ने बताया कि निगम के पास संसाधनों की कमी है। इस वजह से काफी दिक्कतें आ रहीं हैं।

- छह लाख से अधिक हैं निजी कंपनियों के उपभोक्ता

जब बीएसएनएल के नेटवर्क की समस्या गहराने लगी तो लोग रिलायंस व वोडाफोन कंपनी के सिम का इस्तेमाल करने लगे। इससे उनको बेहतर नेटवर्क की सुविधा मिलने लगी। गौरतलब है कि जिले भर में चार लाख से अधिक रिलायंस जियो के ग्राहक हैं, वहीं वोडाफोन के भी दो लाख से अधिक ग्राहक हैं। कुल मिलाकर छह लाख से अधिक ग्राहक निजी कंपनियों के हैं।

- 107 गार्ड की थी तैनाती

एक दौर था कि जब निगम के टावर की रखवाली के लिए 107 गार्ड तैनात किए गए थे। जब उनका मानदेय मिलना बंद हो गया। एक-एक गार्ड का दो से तीन माह का मानदेय नहीं मिला तो वह नौकरी छोड़ कर चले गए। इसके बाद टावर की सुरक्षा राम भरोसे हो गई। अब तो टावर पर कभी कभार निगम के कर्मी पहुंच जाते हैं। अगर कोई फाल्ट न हो तो कोई टावर को देखने नहीं जाता।

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फोटो : 27 पीआरटी 07

एक जमाना था, जब बीएसएनएल के नेटवर्क का कोई जवाब नहीं था। पिछले एक साल से आए दिन नेटवर्क की समस्या रहती है।किसी से बात नहीं हो पाती।

- राधेश्याम तिवारी, बोझवा

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फोटो : 27 पीआरटी 08

मोबाइल में बीएसएनएल का सिम लगा रहता है, लेकिन जब कोई फोन करता है तो बात नहीं हो पाती। आए दिन हो रही समस्या से परेशान हूं।

- मृत्युंजय पांडेय, जेठवारा

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फोटो : 27 पीआरटी 08

काफी साल पहले जब बीएसएनएल का सिम लेने के लिए निगम के कार्यालय पर पहुंचा तो लंबी भीड़ थी। इसके नेटवर्क में कभी परेशानी नहीं होती थी। अब इसका नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता, इसकी कमी अखरती है।

- अनिल कुमार श्रीवास्तव, दहिलामऊ

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फोटो : 27 पीआरटी 10

जब किसी को फोन करता हूं तो पता चलता है कि बीएसएनएल का नेटवर्क नहीं है। काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। अब दूसरी कंपनी का सिम ले लिया हूं।

- सुनील कुमार, पल्टन बाजार

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