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जश्न-ए-अवध में कवियों ने बांधा समा

लालगंज, प्रतापगढ़ : नगर के हेमवती नंदन बहुगुणा पीजी कालेज के सभागार में रविवार की शाम कवियों ने जश्न-ए-अवध में समा बांधा। नई दिल्ली की नारायणी साहित्य अकादमी के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार विशालमूर्ति मिश्र विशाल के गीत संग्रह बज उठी बसंत बंसरी व डा. शक्तिधर नाथ पांडेय की निबंध संग्रह संस्कृति की धरा, पुस्तकों का वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी एवं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने विमोचन किया। इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि साहित्य में वह क्षमता है, जिससे देश की एकता को मजबूती मिला करती है। कार्यक्रम में साहित्यकारों व पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। तिलोई के राजकिशोर सिंह की रचना लाल चौक में तिरंगा फहरा दिया, निर्मल प्रकाश श्रीवास्तव की रचना राजनीति का रंग आजकल काला होता है, खूब सराही गई। गीतकार कपिलदेव तिवारी मैं तुलसी का नन्हा पौधा हूं , तुम हो वृंदावन, कल्पना तिवारी की मुझको दिल्ली अच्छी लगती है को वाहवाही मिली। आभा मिश्रा, महक जौनपुरी, अर्जुन सिंह, डा. नागेंद्र अनुज, अंजनी अमोघ, तन्हा, अनूप प्रतापगढ़ी, अशोक अग्रहरि, नजर इलाहाबादी, डा. देवीबख्श की रचनाएं सराही गईं। संचालन केसरी नंदन शुक्ल व आचार्य शक्तिधरनाथ पांडेय ने संयुक्त रुप से किया। अध्यक्षता इंदिरा संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के पूर्व उपकुलपति प्रो. कामता प्रसाद त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर साहित्य अकादमी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा सिंह बिसेन, डा. राज कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे। संयोजन त्रिवेणीपाल तिवारी आयोजक भूपेंद्र तिवारी काजू रहे। स्वागत शिवम पांडेय ने किया।

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