डेंगू मरीज मिलने से खलबली, अब जिले में होगी जांच

जासं प्रतापगढ़ जिले में डेंगू के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। पहले तो वह म

JagranWed, 01 Sep 2021 05:10 PM (IST)
डेंगू मरीज मिलने से खलबली, अब जिले में होगी जांच

जासं, प्रतापगढ़ : जिले में डेंगू के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। पहले तो वह मामलों को मीडिया से छिपाता रहा, लेकिन पता चल जाने पर उसे कोई जवाब नहीं सूझा। मरीजों के घर व टीमें पहुंच गई। जिले में डेंगू की दस्तक रानीगंज व कुंडा तहसील इलाके में हुई है। दो मरीजों के मिलने पर भी विभाग यह बताने में लगा है कि मरीज बाहर से संक्रमण लेकर आए हैं। जिले में बीमार नहीं पड़े। अब तक जिले में डेंगू की जांच व भर्ती की सुविधा नहीं होने से लोग चितित भी हो रहे हैं।

बाबागंज ब्लाक के लाला का पुरवा गांव निवासी राम चंद्र पटेल कई वर्षो से मुंबई में काम करता था। वहीं पर उसे डेंगू हो गया। वह 17 अगस्त को मुंबई से घर आया और घर आते ही वह कुंडा के एक निजी अस्पताल में चेकअप करवाया। इसके बाद उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पर भी वह डेंगू से पीड़ित पाया गया। इस पर सीएचसी अधीक्षक डा. दिनेश सिंह की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को उसके घर पहुंची। जानकारी जुटाई और पीड़ित के घर के आस-पास दवाओं का छिड़काव कराया गया। वहां पता चला कि वह अपने ननिहाल में जलालपुर महेशगंज चला गया है। इस बारे में अधीक्षक ने बताया कि डेंगू पीड़ित युवक जब से प्रयागराज से जांच कराकर आया है वह संग्रामगढ़ क्षेत्र में नहीं रह रहा है। इसी प्रकार रानीगंज क्षेत्र के कौलापुर नंदपट्टी गांव में मिले डेंगू संक्रमित मरीज पचास साल के मुख्तार अली के घर भी टीम पहुंची। पता चला कि बुखार आने, शरीर में दर्द होने पर प्रयागराज ले जाया गया। वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई तो स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने डा. राजीव कुमार तिवारी के नेतृत्व में टीम गांव भेजी। टीम ने जलभराव वाले स्थानों नालियों में एंटीलार्वा का छिड़काव किया गया और 38 लोगों की स्लाइड बनाई। अधीक्षक का कहना है कि पीड़ित का इलाज प्रयागराज में चल रहा है। वह घर पर नहीं है, फिर भी टीम गांव बराबर जा रही है।

उधर, राजकीय मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. आर्य देश दीपक ने जिले में डेंगू के दो केस मिलने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। उनके अनुरोध पर अब जिले में ही डेंगू संक्रमण की जांच (एलाइजा टेस्ट) किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जरूरी मशीनें आ गई हैं। चिकित्सक व लैब एक्सपर्ट भी हैं। अब तक एलाइजा जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ या प्रयागराज जाना होता था। इससे बुखार पीड़ित व्यक्ति परेशान होता था। यही नहीं अब प्रतापगढ़ में ही इसके मरीजों को भर्ती करने को डेंगू वार्ड भी खोला जाएगा।

- कभी कम-कभी ज्यादा केस

वर्ष 2018- जिले में 53 डेंगू के केस थे मिले

वर्ष 2019 - जिले में 130 मरीज मिले। 74 माइग्रेटेड

वर्ष 2020 - जिले में 13 केस मिले थे। पांच लोकल।

वर्ष 2021- जिले अब तक- 02 केस आने से अलर्ट

- यह हैं लक्षण

तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द, सिर व आंखों के पीछे दर्द। चक्कर आना व जी मिचलाना। उल्टी होना है तो यह डेंगू के लक्षण हैं। गंभीर मरीज की प्लेटलेटस में तेजी से गिरावट होने लगती है। स्वस्थ इंसान के शरीर में इसकी संख्या डेढ़ से चार लाख तक होती है। जब यह 70 व 60 हजार से भी कम होने लगती है तो मरीज संकट में घिर जाता है।

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