प्रतापगढ़ में जिलाधिकारी के खिलाफ धरना देने वाले एसडीएम विनीत कुमार उपाध्याय निलंबित

प्रतापगढ़ के अतिरिक्त एसडीएम अपनी पत्नी के साथ डीएम के सरकारी बंगले में धरने पर बैठे।
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 03:10 PM (IST) Author: Dharmendra Pandey

प्रतापगढ़, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में शीर्ष प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की बाढ़ सी आ गई है। ताजा मामला प्रतापगढ़ का है, जहां के जिलाधिकारी के साथ ही दो एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाकर एक अतिरिक्त एसडीएम अपनी पत्नी के साथ डीएम के सरकारी बंगले में धरने पर बैठे। प्रतापगढ़ में शुक्रवार को जिलाधिकारी और दो एसडीएम के खिलाफ अतिरिक्त एसडीएम विनीत कुमार उपाध्याय का धरना करीब चार घंटा बाद समाप्त हो गया। उनको डीएम से पट्टा आवंटन में घपले पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है। हालांकि शाम को शासन ने पीसीएस अफसर उप जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय के खिलाफ अनुशासनिका कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया।

प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके कैंप कार्यालय में परिवार समेत धरने पर बैठे अतिरिक्त एसडीएम विनीत कुमार उपाध्याय के इस कृत्य को अनुशासनहीनता मानते हुए शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ अनुशासनिक जांच का निर्देश भी दिया है। निलंबन की अवधि में उपाध्याय राजस्व परिषद से संबद्ध रहेंगे। उनके खिलाफ अनुशासनिक जांच प्रयागराज मंडल के आयुक्त करेंगे।

प्रतापगढ़ के साथ ही प्रयागराज मंडल तथा राजधानी लखनऊ में प्रतापगढ़ में अतिरिक्त एसडीएम के रूप में तैनात विनीत उपाध्याय के अपनी पत्नी के साथ डीएम के आवास में धरना पर बैठने की सूचना से खलबली मच गई। प्रतापगढ़ में डीएम डॉ. रूपेश  कुमार आवास पर धरने पर विनीत उपाध्याय के बैठने के बाद उनको मनाने के लिए प्रतापगढ़ का जिला प्रशासन काफी देर तक लगा रहा। डीएम डॉ. रूपेश कुमार के साथ एडीएम फाइनेंस तथा अन्य अधिकारी काफी देर तक उनकी नाराजगी का कारण जानने में लगे रहे। इस दौरान मीडिया को डीएम के बंगले में प्रवेश नहीं दिया गया। करीब चार घंटा के बाद एसडीएम विनीत उपाध्याय ने धरना समाप्त किया। वह डीएम और एडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर धरने पर बैठे थे। प्रतापगढ़ के लालगंज में पट्टा आवंटन मामले में खेल कराने के मामले से खफा विनीत उपाध्याय को डीएम की तरफ से पूरे प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन मिला। इसके बाद वह पत्नी के साथ धरना से उठ गए। 

प्रतापगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार कलेक्ट्रेट परिसर के निकट अपने सरकारी बंगले में रहते हैं। शुक्रवार को दिन में करीब उनके आवास में एक बजे अतिरिक्त एसडीएम विनीत उपाध्याय अपनी पत्नी के साथ धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि उनके खिलाफ एक जांच में एडीएम (एफआर) ने गलत रिपोर्ट लगा दी। इससे नाराज अतिरिक्त एसडीएम विनीत उपाध्याय ने डीएम डॉ. रुपेश कुमार और दो एसडीएम सहित कई कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया ।

प्रतापगढ़ में मामला लालगंज इलाके की जमीन पर विद्यालय की मान्यता से जुड़ा है। बताया जा रहा है जिस जमीन पर विद्यालय होने की बात कहकर मान्यता ली गई, वहां विद्यालय न होकर दूसरी जगह संचालित हो रहा है। इस मामले की शिकायत आने के बाद एसडीएम अतिरिक्त विनीत उपाध्याय ने जांच की तो ये खुलासा हुआ। उन्होंने जांच रिपोर्ट बनाकर डीएम को फाइल भेज दी। लेकिन वह फाइल दबा दी गई। शासन को नहीं भेजी गई। इसी बात को लेकर विनीत उपाध्याय नाखुश हैं।

इसके बाद से वह डीएम आवास के अंदर धरने पर बैठे और बाहर पुलिस का पहरा है। वहां पर सिर्फ मीडिया के प्रवेश पर रोक लगी । पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को प्रवेश मिल रहा है। पीसीएस अधिकारी विनीत उपाध्याय ने डीएम डॉ.रुपेश कुमार पर फाइलें दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। विनीत उपाध्याय का आरोप है कि एसडीएम सदर, एडीएम वित्त तथा डीएम डॉ. रूपेश कुमार ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है। अब मेरे आरोप लगाने के बाद भी डीएम भ्रष्टाचार की जांच नहीं करवा रहे हैं।

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