बेरोजगार नौजवानों के मुद्दे पर वरुण ने फिर सरकार पर बोला हमला

पीलीभीतजेएनएन अभी तक किसानों के मुद्दे पर ट्वीटर के जरिये सरकार पर निशाना साधने वाले सांसद वरुण गांधी ने गुरुवार की सुबह देश के बेरोजगार नौजवानों की समस्या को लेकर सरकार को घेरा है। सांसद ने ये सवाल भी उठाया है कि आखिर भारत का नौजवान कब तक सब्र करे।

JagranFri, 03 Dec 2021 12:15 AM (IST)
बेरोजगार नौजवानों के मुद्दे पर वरुण ने फिर सरकार पर बोला हमला

पीलीभीत,जेएनएन : अभी तक किसानों के मुद्दे पर ट्वीटर के जरिये सरकार पर निशाना साधने वाले सांसद वरुण गांधी ने गुरुवार की सुबह देश के बेरोजगार नौजवानों की समस्या को लेकर सरकार को घेरा है। सांसद ने ये सवाल भी उठाया है कि आखिर भारत का नौजवान कब तक सब्र करे।

सुबह 9.26 बजे सांसद वरुण गांधी ने ट्वीटर पर लिखा है कि पहले तो सरकारी नौकरी ही नहीं है, फिर भी कुछ मौका आए तो पेपर लीक हो। परीक्षा दे दी तो सालों साल रिजल्ट नहीं, फिर किसी घोटाले में रद हो। रेलवे ग्रुप डी के सवा करोड़ नौजवान दो साल से परिणामों के इंतजार में हैं। सेना में भर्ती का भी वही हाल है। ऐसे में भारतीय नौजवान आखिर कब तक सब्र करे। सांसद ने इस ट्वीट के जरिए सिर्फ योगी सरकार ही नहीं, मोदी सरकार पर भी सीधा हमला बोला है, क्योंकि रेलवे और सेना की भर्ती का मामला सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधीन है। 28 नवंबर को यूपी टीईटी का पेपर लीक होने के चलते परीक्षा रद होने के मुद्दे पर भी सांसद ने ट्वीट कर इस मामले को लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया था। साथ ही ये भी लिखा था कि इस दलदल की छोटी मछलियों पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा। राजनीतिक संरक्षक और शिक्षा माफिया पर सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए , क्योंकि अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों के मालिक राजनीतिक रसूखदार हैं, इन पर कार्रवाई कब होगी। सांसद ने ट्वीट के साथ शिक्षा के महत्व को दर्शाने वाला एक वीडियो भी अपलोड किया था। एंकर के सवाल पर राजमित्री ने कहा, हमको रोटी, कपड़ा, मकान नहीं चाहिए बल्कि शिक्षा चाहिए। अगर शिक्षा होगी तो ये सुविधाएं तो हम छीन लेंगे। गौरतलब है कि सांसद वरुण गांधी ने किसान आंदोलन के मामले पर भी लगातार ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है। सांसद ने लखीमपुर हिसा मामले पर भी कई बार ट्वीट किए। मृतक किसानों को शहीद बताते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी पर भी कार्रवाई की मांग उठाई थी। सांसद का कहना है कि ग्रामीण भारत में औसत युवा व्यक्ति के लिए रोजगार के अवसर काफी हद तक सरकारी नौकरी की तलाश तक ही सीमित हैं। सरकार हर क्षेत्र में पहले से कम रोजगार दे रही है। चाहे वह रक्षा हो, पुलिस, रेलवे या शिक्षा हो, युवाओं में निराशा की भावना पैदा हो रही है। पिछले दो वर्षों में सिर्फ यूपी में 17 पेपर रद कर दिए गए हैं, क्योंकि परीक्षा के पेपर लीक हो गए थे। आज तक किसी बड़े सिडिकेट की पहचान नहीं हुई है। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जहां वे निजी रोजगार से जुड़े हों। इसलिए सार्वजनिक रोजगार दिशा निर्देशों और रोजगार कार्यक्रमों का पालन किया जाना चाहिए।

हजारों लोगों ने किया रीट्वीट

सांसद वरुण गांधी के इस ट्वीट को गुरुवार की शाम तक साढ़े ग्यारह हजार से ज्यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं। वहीं तकरीबन 1200 लोग अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर चुके हैं।

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