तराई में टमाटर महंगाई से लाल

पीलीभीतजेएनएन टमाटर पर महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही। विगत दिनों दाम 40 से बढ़ते बढ़ते 80 से 100 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए हैं। ऐसे में सब्जी की दुकानों पर टमाटर का भाव सुनते ही उपभोक्ताओं का चेहरा सुर्ख हो जाता है। निम्न-मध्यम वर्ग के उपभोक्ता महंगाई के कारण टमाटर का स्वाद ले पाने से वंचित रह जाते हैं।

JagranTue, 30 Nov 2021 11:24 PM (IST)
तराई में टमाटर महंगाई से 'लाल'

पीलीभीत,जेएनएन : टमाटर पर महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही। विगत दिनों दाम 40 से बढ़ते बढ़ते 80 से 100 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए हैं। ऐसे में सब्जी की दुकानों पर टमाटर का भाव सुनते ही उपभोक्ताओं का चेहरा सुर्ख हो जाता है। निम्न-मध्यम वर्ग के उपभोक्ता महंगाई के कारण टमाटर का स्वाद ले पाने से वंचित रह जाते हैं।

मंडी में अब मौसमी सब्जियों के दाम गिरने लगे हैं। आलू, गोभी से लेकर बैंगन, शिमला मिर्च, पालक, मेथी आदि के दामों में पिछले पखवारा की तुलना में गिरावट आई है लेकिन इस बार टमाटर के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे। एक पखवारा पहले तक को ठेली पर मुहल्लों, कालोनियों में घूम-घूमकर सब्जी बेचने वाले लोग टमाटर 25 रुपये पाव बेचते रहे। यानि 100 रुपये प्रति किग्रा के दाम ग्राहकों को चुकाने पड़े। अब 20 रुपये की इसमें कमी आ गई है। अच्छी क्वालिटी का टमाटर अब भी 80 रुपये किग्रा बिक रहा है। साइज में छोटा और नरम हो चुका टमाटर किसी विक्रेता के पास 60 रुपये में भी उपभोक्ता को मिल जाता है। महंगाई के कारण ही आम लोगों की थाली से आलू-टमाटर की सब्जी गायब हो रही है।

तैयार हो रही टमाटर की नई फसल : मंडी में आने के बाद ही टमाटर के दामों में कमी आने की संभावना है। अभी मंडी में दूसरे शहरों के कोल्ड स्टोरेज से टमाटर आ रहा, इसीलिए दाम बढ़े हुए हैं। स्थानीय फसल आते ही भाव गिर जाएंगे।

ओमप्रकाश, फुटकर सब्जी विक्रेता पिछले महीने अक्टूबर में भारी वर्षा हो गई। जिन स्थानों पर टमाटर की खेती हो रही थी, वहां खेतों में पानी भरने से पौध सड़ गई। इसीलिए नई फसल का टमाटर आने में इस बार देर हो रही है। जब तक नई फसल नहीं आती, तब तक टमाटर महंगा रहने की संभावना है।

रमेश कुमार, थोक कारोबारी कुछ दिन पहले तक तो आलू सहित अन्य सभी मौसमी सब्जियों पर काफी महंगाई रही। अब अन्य सब्जियों के दाम घट रहे लेकिन टमाटर अभी बहुत महंगा है। निम्न वर्ग के लोग टमाटर खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

संध्या सक्सेना पहले सब्जी वाले टमाटर का भाव प्रति किग्रा में बताते थे लेकिन अब सीधे कहते है 20 रुपये पाव। तमाम लोग तो भाव सुनते ही टमाटर खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। रोजमर्रा जरूरत की हर चीज पर महंगाई छाई हुई है।

पूनम सिंह सर्दी के मौसम में आलू, मटर टमाटर की सब्जी तमाम परिवारों में पसंद की जाती है। आलू के भाव कम हो गए लेकिन मटर और टमाटर काफी महंगे होने के कारण अभी आम उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर है।

ऊषा गंगवार

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