टीकाकरण का विशेष अभियान दो नवंबर से

टीकाकरण का विशेष अभियान दो नवंबर से
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 12:27 AM (IST) Author: Jagran

पीलीभीत,जेएनएन: कोरोना काल में प्रभावित हुआ टीकाकरण अभियान एक बार फिर गति पकड़ने लगा है। नियमित टीकाकरण में छूटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं को विशेष अभियान में आच्छादित किया जाएगा। इसके लिए राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एपी चतुर्वेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। टीकाकरण का विशेष अभियान दो नवंबर से शुरू होगा। त्रैमासिक अभियान में प्रत्येक सोमवार को टीकाकरण कर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित किया जाएगा।

गुरुवार को जूम एप के माध्यम से राज्य स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. चंद्र मोहन चतुर्वेदी के साथ बैठक कर टीकाकरण कार्यक्रम की जानकारी दी। विशेष अभियान में टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं पर विशेष फोकस रहेगा। ऐसे लोगों का सर्वे कर डाटा एकत्र किया गया है। टीकाकरण अभियान के लिए आंगनबाड़ी, एएनएम, आशा, लिक वर्कर, पर्यवेक्षक व चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

टीकाकरण अभियान नगर क्षेत्र समेत सभी आठ विकास खंडों में चलाया जाएगा। कुल 814 सत्र आयोजित किए जाएंग, जिसमें 254 एएनएम, 720 आशा, 657 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 35 लिक वर्कर, 87 पर्यवेक्षक व 31 चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अभियान के अंतर्गत शेष 2844 गर्भवती महिलाओं व शून्य से एक वर्ष आयुवर्ग के 3794 बच्चों को लक्षित किया गया है।

आंकड़ों में स्थिति-

विकास खंड कुल सत्र लक्षित गर्भवती महिलाएं लक्षित नवजात शिशु(0-1वर्ष)

अमरिया 109 239 419 ललौरीखेड़ा 71 87 380 न्यूरिया 96 723 605 बरखेड़ा 96 232 399 बीसलपुर 58 278 287 बिलसंडा 125 565 453 पूरनपुर 209 564 826 पीलीभीत शहर 50 156 425 वर्जन-

गर्भवती महिलाओं व बच्चों को समयानुसार टीकाकरण जरूरी है लेकिन कोरोना महामारी के कारण नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है। जिन लोगों के टीके नहीं लग पाए हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वह अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें। वहां बच्चे के जो भी टीके छूटे हैं उसकी उम्र के अनुसार लगाए जाएंगे। डॉक्टर को इसके बारे में पूरी जानकारी है। कोई भी माता-पिता अब और देर न करें। टीकाकरण में जरूरी संशोधन किए गए हैं जिससे छूटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया जा सके।

- डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी

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