शिक्षक नहीं तो कौन खोले स्कूल का ताला

घुंघचाई (पूरनपुर): शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते पिछले काफी समय से गांव सुंदरपुर का परिषदीय स्कूल बंद पड़ा है। छात्रों के अभिभावक लगातार विभागीय अधिकारियों से शिक्षक की तैनाती की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। विद्यालय परिसर में झाड़ियां उग आई हैं।

शासन प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हो पा रहा है। किसी स्कूल में पांच से छह शिक्षक हैं तो किसी स्कूल में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है। कुछ ऐसा ही हाल तहसील क्षेत्र के गांव सुंदरपुर के प्राथमिक स्कूल का है। शिक्षक न होने से काफी समय से स्कूल बंद पड़ा है। छात्र स्कूल जाते हैं, लेकिन उन्हें लौट जाना पड़ता है। यहां नियुक्त शिक्षक का दूसरे जनपद के लिए स्थानांतरण हो जाने के बाद भी अध्यापक को नियुक्त नहीं किया गया है। पढ़ाई सुचारू रखने के लिए एक शिक्षक को अटैच किया गया था लेकिन उसका भी स्थानांतरण हो गया। विद्यालय रसोइया के सहारे चलाया जा रहा है। ग्राम प्रधान श्रवण ¨सह और बच्चों के अभिभावकों ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षक की नियुक्ति कराने के लिए पत्र दिया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। साफ सफाई न होने से परिसर में घास फूस के साथ झाड़ियां भी उग आई हैं। विद्यालय की दीवार पर आज भी स्थानांतरित जिलाधिकारी मासूम अली सरवर का नाम लिखा है। इसको लेकर क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। संकुल प्रभारी चांद मियां ने बताया कि विभाग को इस मामले से अवगत करा दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि जल्द ही शिक्षक की तैनाती कराकर पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।

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