पेड़ पर फंदे से लटका मिला किसान का शव

बुधवार की सुबह खेत पर बंदर भगाने गए किसान का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। स्वजन का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते बैंक का ऋण नहीं चुका पाने से परेशान रहते थे।

JagranWed, 16 Jun 2021 11:13 PM (IST)
पेड़ पर फंदे से लटका मिला किसान का शव

पीलीभीत,जेएनएन : बुधवार की सुबह खेत पर बंदर भगाने गए किसान का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। स्वजन का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते बैंक का ऋण नहीं चुका पाने से परेशान रहते थे।

थाना क्षेत्र के गांव ताजपुर निवासी बुजुर्ग किसान कुंदनलाल बुधवार को प्रात: करीब साढ़े पांच बजे घर से यह कहकर खेत पर गए कि वहां बंदर भगाएंगे, क्योंकि बंदरों से फसल को नुकसान पहुंच रहा है। दोपहर में पड़ोसी किसान गुरुदेव सिंह अपने खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि सड़क किनारे पेड़ पर फंदे से किसी का शव लटका है। उन्होंने तुरंत गांव पहुंचकर इसकी सूचना लोगों को दी। कुछ ही देर में वहां भीड़ लग गई। वह शव कुंदनलाल का था। मृतक के स्वजन भी वहां पहुंच गए। स्वजन शव देखते ही बिलखकर रोने लगे। स्वजन का कहना है कि कुंदनलाल आर्थिक तंगी के कारण काफी परेशान रहते थे। बैंक के ऋण के साथ ही एक बेटी के इलाज और दूसरी की शादी करने के लिए भी उन्हें दूसरों से कर्ज लेना पड़ा। स्वजन के मुताबिक कुंदन लाल ने वर्ष 2011 में बीसलपुर में स्थित भूमि विकास बैंक शाखा से 90 हजार रुपये ऋण लिया था। आर्थिक तंगी के चलते वह ऋण की अदायगी नहीं कर पाए। ऐसे में ब्याज चढ़ते रहने से कर्ज की रकम लगभग तीन लाख हो गई। किसान के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। पुत्र अमरपाल ने बताया कि बहुओं के जेवर गिरवी रखकर व अन्य लोगों से कर्ज लेकर पिछले माह उन्होंने अपनी बेटी गीता की शादी की थी। परिवार के पास मात्र तीन बीघा जमीन है। परिवार में सिर्फ कुंदन लाल का ही मनरेगा जॉब कार्ड बना हुआ है। आंशिक कोरोना क‌र्फ्यू के दौरान काम नहीं मिल सका। प्रभारी निरीक्षक रविद्र कुमार ने बताया कि परिवार की तरफ से तहरीर नहीं आई है। भूमि विकास बैंक शाखा के प्रबंधक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कुंदन लाल ने बैंक शाखा से वर्ष 2011 में 90 हजार का ऋण लिया था। एक भी किस्त जमा नहीं की है। ओटीएस योजना का लाभ लेने के लिए पिछले दिनों बैंक कर्मियों द्वारा उन्हें पंपलेट दिया गया था। ऋण की अदायगी के लिए कोई नोटिस जारी नहीं हुआ।

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