रेलवे चिकित्सालय को इलाज की जरूरत

रेलवे चिकित्सालय को 'इलाज' की जरूरत

तकरीबन एक हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को इलाज की सुविधाएं मुहैया कराने वाला रेलवे अस्पताल अब खुद बीमार हो गया है। चिकित्सालय में कई महीने से डॉक्टर ही नहीं है। कर्मचारियों को इज्जतनगर मंडल मुख्यालय स्थित अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।

Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 12:55 AM (IST) Author: Jagran

पीलीभीत,जेएनएन : तकरीबन एक हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को इलाज की सुविधाएं मुहैया कराने वाला रेलवे अस्पताल अब खुद बीमार हो गया है। चिकित्सालय में कई महीने से डॉक्टर ही नहीं है। कर्मचारियों को इज्जतनगर मंडल मुख्यालय स्थित अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। टनकपुर से लेकर भोजीपुरा और सेहरामऊ उत्तरी से लेकर शाहजहांपुर तक आने वाले सभी रेलवे स्टेशन और हाल्ट पर कार्यरत करीब 1150 रेल कर्मचारियों को इलाज, मेडिकल लीव व फिटनेस प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इसी अस्पताल पर है। अस्पताल में एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक ड्रेसर, एक वार्ड ब्वाय और एक सफाई कर्मचारी का पद सृजित है। काफी समय से अस्पताल की व्यवस्था फार्मासिस्ट, ड्रेसर और वार्ड ब्वाय संभाल रहे हैं। चिकित्सक न होने से रेलवे के स्टाफ को इलाज कराना काफी मंहगा पड़ रहा है। किसी रेल कर्मचारी को यदि मेडिकल लीव या फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के आवश्यकता होने पर इज्जतनगर स्थित मंडल चिकित्सालय जाना पड़ता है। लाकडाउन के बाद से ट्रेनों का संचालन बंद है। ऐसे में रेल कर्मचारियों की मुश्किलें और अधिक बढ गई हैं।

रेलवे कालोनी में रहने वाले मही लाल का कहना है कि चिकित्सालय में चिकित्सक न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के लोगों को बीमार होने पर बाहर से इलाज करवाना पड़ रहा है।

मनोज अग्निहोत्री का कहना है कि काफी समय से अस्पताल में स्टाफ की कमी का खामियाजा रेल कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है। टनकपुर, सेहरामऊ उत्तरी, शाहजहांपुर क्षेत्र और भोजीपुरा के मध्य कार्यरत कर्मचारियों के लिए यही एक अस्पताल है। चिकित्सक न होने से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।

रवि कश्यप का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण मेडिकल लीव और फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रेल कर्मियों को बरेली के इज्जतनगर स्थित मंडल रेलवे चिकित्सालय पर निर्भर होना पड़ रहा है।

चंद्र भूषण के मुताबिक रेलवे अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते कर्मचारियों को इला़ज व अन्य सेवाओं के लिए बरेली का रुख करना पड़ रहा है। लाकडाउन के बाद से ट्रेनों का संचालन बंद होने से यह काम और भी मुश्किल हो गया है।

कृष्ण अवतार बताते हैं कि रेल कर्मचारियों के लिए उपलब्ध अस्पताल स्टाफ के अभाव में महज दिखावा साबित हो रहा है। एक फार्मासिस्ट के सहारे कर्मचारियों को छोड़ दिया गया है। स्टाफ की भर्ती की काफी समय से कर्मचारी आस लगाए हैं।

रेलवे चिकित्सालय में जल्द ही डॉक्टर की व्यवस्था कराई जाएगी। चिकित्सक के न होने से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान शीघ्र कराया जाएगा।

-राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी इज्जतनगर मंडल बरेली

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