सैंपलिग में फिर पिछड़ने पर भड़के महानिदेशक

कोविड-19 संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन शासन स्तर से ट्रेसिग टेस्टिग व ट्रीटिग में कोई ढील नहीं दी गई है। इसके विपरीत जनपद में संक्रमण की दर कम होते ही पिछली बार की तरह लापरवाही शुरू कर दी गई है। आरटी-पीसीआर सैंपल एकत्र कर लैब भेजने के मामले में जनपद फिर फिसड्डी साबित हुआ है।

JagranMon, 14 Jun 2021 10:57 PM (IST)
सैंपलिग में फिर पिछड़ने पर भड़के महानिदेशक

पीलीभीत,जेएनएन: कोविड-19 संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन शासन स्तर से ट्रेसिग, टेस्टिग व ट्रीटिग में कोई ढील नहीं दी गई है। इसके विपरीत जनपद में संक्रमण की दर कम होते ही पिछली बार की तरह लापरवाही शुरू कर दी गई है। आरटी-पीसीआर सैंपल एकत्र कर लैब भेजने के मामले में जनपद फिर फिसड्डी साबित हुआ है। माह भर पहले भी जनपद की स्थिति आरटी-पीसीआर सैंपलिग में फिसड्डी जनपदों में नंबर वन रही थी। प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डीएस नेगी ने लक्ष्य के सापेक्ष कम सैंपलिग होने पर सीएमओ को चेतावनी जारी करते हुए पत्र भेजा है। पत्र में महानिदेशक ने आरटी-पीसीआर सैंपलिग में सुधार कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शासन स्तर से होने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए स्वयं उत्तरदायी होने की बात कही गई है।

शासन स्तर से जनपद को प्रतिदिन 2000 आरटी-पीसीआर एकत्र कर जांच के लिए लैब भेजने का लक्ष्य निर्धारित है। माह भर पूर्व शासन स्तर से प्रदेश भर के जनपदों की लक्ष्य के अनुरूप स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी की गई थी। इस रिपोर्ट में जनपद सबसे फिसड्डी था। उस समय शासन स्तर से जनपद में आए नोडल अधिकारी शमीम अहमद खान ने आला अधिकारियों को सैंपलिग में सुधार कराने के आदेश दिए थे। अब महानिदेशक ने प्रदेश में खराब स्थिति वाले 10 जनपदों के सीएमओ को पत्र भेजकर लक्ष्य के अनुरूप आरटी-पीसीआर सैंपलिग कराने के आदेश दिए हैं जिसमें पीलीभीत भी शामिल है। दो दिन ही सुधरी स्थिति: 16 मई को शासन की ओर से रिपोर्ट जारी कर आरटी-पीसीआर सैंपलिग में फिसड्डी जनपदों में पहला स्थान दिया था। इसके बाद भी सैंपलिग में सुधार नहीं आया। शासन के सख्त निर्देशों व रिपोर्ट के बाद 25 मई को पहली बार निर्धारित लक्ष्य 2000 से अधिक आरटी-पीसीआर सैंपल एकत्र हुए। यह स्थिति ज्यादा दिन तक बेहतर नहीं रही। केवल दो दिन बाद ही यह आंकड़ा लक्ष्य के सापेक्ष गिरकर 28 मई को 1760, 30 मई को 1386 व 31 मई को 1729 आ गया। जून में एक बार भी शासन द्वारा दिया गया। 2000 आरटी-पीसीआर सैंपल का लक्ष्य हासिल नहीं किया गया है।

एंटीजन भी लक्ष्य से दूर: जनपद में एंटीजन टेस्टिग के लिए प्रतिदिन 4000 सैंपल का लक्ष्य निर्धारित है। आरटी-पीसीआर सैंपलिग में पिछड़े जनपद की एंटीजन टेस्टिग में भी हालत खराब है। पूरे माह में एक बार भी लक्ष्य के अनुरूप सैंपलिग नहीं हुई है। जनपद के अधिकारी नहीं देते ध्यान

जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिग के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जिनका प्रमुख कार्य लक्ष्य के अनुरूप सैंपल एकत्र कराकर रिपोर्ट की मॉनिटरिग करना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है। एसीएमओ की तरफ से प्रतिदिन रिपोर्ट सीएमओ व जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। नोडल अधिकारी डॉ. हरपाल खुद तो रिपोर्ट के मूकदर्शक बने ही हैं, साथ ही अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी सैंपलिग की खराब स्थिति पर कोई मॉनिटरिग करते नहीं दिख रहे। अगर मॉनिटरिग होती तो शासन के आदेशों का अनुपालन केवल दो ही दिन होकर नहीं रह जाता व शासन स्तर से खराब स्थिति का संज्ञान लेकर चेतावनी जारी नहीं की जाती।

दिन एंटीजन आरटी-पीसीआर

13 जून 1623 1039

12 जून 1974 1075

11 जून 2224 1215

10 जून 2121 1179

9 जून 2576 1474

8 जून 2332 1344

7 जून 2473 1414

6 जून 2350 1623

5 जून 2310 1619

4 जून 2444 1600

3 जून 2598 1432

2 जून 2532 1523

1 जून 2632 1656

(दैनिक एंटीजन लक्ष्य-4000, आरटी-पीसीआर लक्ष्य-2000) महानिदेशक का पत्र प्राप्त हुआ है। जनपद में आरटी-पीसीआर सैंपल लक्ष्य के अनुरूप कम हुए हैं जिस पर सभी एमओआईसी को सैंपलिग बढ़ाकर लक्ष्य के अनुरूप सैंपल एकत्र कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ

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