मुठभेड़ के बाद रेड पल्सर गिरोह के सरगना सहित दो बदमाश गिरफ्तार

जागरण संवाददाता नोएडा बरात चढ़त के दौरान दूल्हे के पिता का रुपयों से भरा बैग लेकर

JagranPublish:Tue, 23 Nov 2021 11:37 PM (IST) Updated:Tue, 23 Nov 2021 11:37 PM (IST)
मुठभेड़ के बाद रेड पल्सर गिरोह के सरगना सहित दो बदमाश गिरफ्तार
मुठभेड़ के बाद रेड पल्सर गिरोह के सरगना सहित दो बदमाश गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, नोएडा :

बरात चढ़त के दौरान दूल्हे के पिता का रुपयों से भरा बैग लेकर फरार होने वाले रेड पल्सर गिरोह के बदमाश को मंगलवार को सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक अन्य बदमाश को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। बदमाशों के पास से दो तमंचे, तीन कारतूस, लूट में प्रयोग लाल पल्सर बाइक, दो मोबाइल और लूट के 52 हजार 250 रुपये बरामद हुए हैं। आरोपितों की पहचान सहारनपुर के सोनू उर्फ संत और गाजियाबाद के राहुल कश्यप के रूप में हुई है। आरोपितों ने वर्ष 2017 में एक सुरक्षाकर्मी को चाकू मारकर सेक्टर-24 कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल लूट लिया था। आरोपित सोनू ने वर्ष 2019 में थाना खोड़ा क्षेत्र में अपने साथियों विकास, आकाश और सचिन के साथ मिलकर एक टैक्सी ड्राइवर का अपहरण करके उसकी हत्या कर दी थी और टैक्सी लूट कर फरार हो गए थे। दोनों बदमाशों के खिलाफ अलग-अलग कोतवाली क्षेत्र में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि शातिर लुटेरे सेक्टर-57 में लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीमें रेड लाइट एरिया में पहुंच गईं। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस के ऊपर फायरिग करनी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस की एक गोली बदमाश सोनू के पैर में लग गई। घायल सोनू को उपचार के लिए पुलिस ने तुरंत जिला अस्पताल भेजा। वहीं सोनू के एक अन्य साथी राहुल को घेराबंदी कर दबोचा गया। दिल्ली के कृपाशंकर अपने बेटे की बरात 19 नवंबर की रात सेक्टर 58 थाना क्षेत्र स्थित खोड़ा आए थे। खोड़ा तिराहे के पास बरात चढ़त के दौरान दोनों बदमाश कृपाशंकर का बैग लेकर फरार हो गए थे।

तीन अन्य रडार पर

एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरोह में कुल पांच लोग शामिल हैं। तीन अन्य बदमाशों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही उनको भी दबोच लिया जाएगा। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वह महीने में बीस से अधिक लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।