डेंगू के मरीजों की संख्या 350 के पार

जागरण संवाददाता नोएडा जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को बीते 2

JagranTue, 26 Oct 2021 10:42 PM (IST)
डेंगू के मरीजों की संख्या 350 के पार

जागरण संवाददाता, नोएडा :

जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को बीते 24 घंटे में डेंगू के 15 नए मरीज मिले हैं। इससे जिले में डेंगू के कुल रोगियों की संख्या 357 हो गई है। जिले में 47 डेंगू मरीज सक्रिय हैं, जिनका जिले के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डेंगू से जिले में अबतक एक किशोर की मौत हुई है।

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उपचार में हो रही देरी

जिले में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण मरीजों के उपचार में देरी हो रही है। सरकारी अस्पताल में इलाज की आस लेकर पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लग रही है। जिला अस्पताल में भर्ती वार्ड फुल होने से मंगलवार को इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी हुई। वहीं, डाक्टरों का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए मरीजों की खून की जांच कराई जा रही है। वार्ड के अलावा अस्पताल की लैब पर खून की जांच कराने वालों की भीड़ है। वहीं, सीएचसी-पीएचसी का और बुरा हाल है। डाक्टर डेंगू के संदिग्धों को घरेलू नुस्खे से इलाज की सलाह दे रहे हैं।

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मरीज को नहीं देखने आते डॉक्टर

डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने जिला अस्पताल की व्यवस्था को ठीक नहीं बताया। तीमारदारों का कहना है कि मरीज को भर्ती तो कर लिया है, लेकिन इलाज में कोताही बरती जा रही है। मरीज को देखने डाक्टर आते ही नहीं। नर्सिंग स्टाफ ही देखते हैं। इससे मरीज की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। नर्सिंग स्टाफ के कहने पर मरीज के उपचार के लिए खुद ही घरेलू नुस्खे आजमा रहे हैं। बकरी के दूध से लेकर पपीते की पत्तियों के रस और गिलोय का काढ़ा तक पिला रहे हैं।

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अस्पतालों में देरी से पहुंच रहे मरीज

सरकारी अस्पताल डेंगू के मरीजों से फुल हैं। बावजूद अस्पताल में कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जो शुरू में घर पर ही इलाज करते रहते हैं और हालत गंभीर होने पर अस्पताल का रुख करते हैं। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डाक्टरों का कहना है कि अगर किसी को 100 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा बुखार है तो डाक्टर के पास जरूर जाना चाहिए। दूसरी बात यह है कि डेंगू होने पर घबराएं नहीं और हमेशा प्लेटलेट्स पर ध्यान न दें। क्योंकि प्लेटलेट्स कम होने से तब तक परेशानी नहीं होती जब तक शरीर में ब्लीडिग न होने लगे। सभी मरीजों की प्लेटलेट्स नहीं गिरती है। ऐसा तब होता है जब लोग डाक्टर से सलाह नहीं लेते और खुद से इलाज करने लगते हैं।

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