ब्लैक स्पाट का नए सिरे से निरीक्षण करने की सुस्त रफ्तार भी बन रही जानलेवा

ब्लैक स्पाट का नए सिरे से निरीक्षण करने की सुस्त रफ्तार भी बन रही जानलेवा

मोहम्मद बिलाल नोएडा सितंबर में नोएडा आए प्रदेश के एडीजी यातायात अशोक कुमार सिंह ने राज

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 07:49 PM (IST) Author: Jagran

मोहम्मद बिलाल, नोएडा :

सितंबर में नोएडा आए प्रदेश के एडीजी यातायात अशोक कुमार सिंह ने राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआइ), नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके सड़क हादसे रोकने के लिए दुर्घटना बहुल क्षेत्र (ब्लैक स्पाट) का नए सिरे से निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन दो माह बाद भी यातायात विभाग पूर्व में चिन्हित 33 ब्लैक स्पाट का नए सिरे से निरीक्षण नहीं कर सका है।

जिले में सर्वाधिक दुर्घटनाएं नोएडा-ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे पर होती हैं। सड़क हादसों के लिहाज से सर्वाधिक ब्लैक स्पाट इन्हीं सड़कों पर हैं। हादसे की प्रमुख वजह भी भारी ट्रैफिक और तेज रफ्तार वाहन है। इन जगहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन आम बात है। हादसे में गलत दिशा व नशे में वाहन चलाना भी शामिल है। वहीं अन्य कारणों में बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाना, सड़क किनारे वाहन खड़ा करना है। एडीजी यातायात ने सड़क किनारे खुले अवैध ढाबों को बंद कराने के निर्देश दिए थे, क्योंकि नाश्ता, खाने के लिए बस व ट्रक चालक एक्सप्रेस-वे किनारे भी वाहन को खड़ा कर देते हैं। कई बार रात के अंधेरे में दूसरे चालक इन वाहनों से टकराकर हादसे का शिकार होते हैं। सबसे अधिक जान निर्दोष यात्रियों को गंवानी पड़ती है, जो इस हादसे से अनजान रहते हैं। अवैध ढाबों को हटाने की कार्रवाई भी अब तक शून्य है। हाईवे किनारे अवैध ढाबे आज भी खुले हैं।

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नाबालिग व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई :

जिले में शाम होते ही बियर बार व शराब की दुकान के आसपास जाम छलकने लगते हैं। यहां से शराब पीकर निकले लोग कई बार सड़क हादसे को शिकार हो जाते हैं, लेकिन विभाग की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई शून्य रहती है। विभाग ने इस वर्ष से 10 से कम शराबी चालक पकड़े हैं। इसी तरह नाबालिग के वाहन चलाने पर हजारों रुपये का जुर्माना है। शहर के कई स्कूल, कालेज के बाहर नाबालिग तेज रफ्तार से बाइक व कार पर बिना सीट बेल्ट व हेलमेट के फर्राटा भरता दिखाई देंगे, लेकिन पुलिस इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। इससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।

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सीआरआरआइ की चाल भी सुस्त :

जिले में होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण के माध्यम से यातायात विभाग ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआइ) के साथ करार किया है, लेकिन रोड इंजीनियरिग में सुधार की रिपोर्ट सौंपने में सीआरआरआइ की चाल भी सुस्त है। विभाग ने सीआरआरआइ को मास्टर प्लान (एमपी) रोड नंबर-1, डीएससी रोड और सेक्टर-62 से 71 तक की सड़कों के सर्वे के बाद की रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन सीआरआरआइ ने केवल एमपी-1 की रिपोर्ट सौंपी है। बाकी दो सड़कों की रिपोर्ट अबतक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद संस्तुति के आधार पर प्रोजेक्ट का एस्टिमेट तैयार होना है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया होगी, लेकिन विभाग को आजतक रिपोर्ट नहीं मिली है। ऐसे में सड़कों पर ब्लैक स्पाट की पहचान करके उन्हें दुरस्त करने वालों की चाल भी ढीली है।

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यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई का विवरण

माह, दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन, भारी वाहन, जुर्माना वसूला

सितंबर, 35085, 23261, 181, 36,19,600 रुपये

अक्टूबर, 31396, 20196, 151, 42,20,900 रुपये

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ब्लैक स्पाट का नए सिरे से निरीक्षण करने का काम चल रहा है। इस माह के अंत तक सभी ब्लैक स्पाट का निरीक्षण कर लिया जाएगा। सड़क हादसों को रोकने के लिए भी ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

- गणेश प्रसाद साहा, डीसीपी ट्रैफिक, गौतमबुद्ध नगर

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यमुना एक्सप्रेस-वे पर इस वर्ष हुए सड़क हादसे :

वर्ष, दुर्घटना, मौत, घायल

जनवरी, 2, 0, 4

फरवरी, 1, 0, 2

मार्च, 23, 2, 0

अप्रैल, 4, 1, 0

मई, 0, 0, 0

जून, 5, 2, 0

जुलाई, 15, 5, 13

अगस्त, 5, 3, 10

सितंबर, 2, 2, 3

अक्टूबर, 3, 3, 1

नवंबर 2, 0, 0

(नोट- नवंबर के आंकड़े 15 तारीख तक के हैं)

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हापुड़ का इनपुट :

सड़कों पर खुलेआम हो रहा यातायात नियमों का उल्लंघन

जिले की सड़कों पर खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन होता है। यह उल्लंघन बड़े स्तर पर होता है। जिसे रोकने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस लगातार कार्रवाई भी करते हैं, लेकिन स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। क्योंकि सड़कों पर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों की संख्या हजारों में है जो नियमों का उल्लंघन लगातार कर रहे हैं। इस कारण सड़क दुर्घटना में मौत और गंभीर रूप से घायल होने वालों की संख्या अधिक रहती है। वहीं, गलत दिशा में वाहन चलाने वाले, नाबालिग और नशे में वाहन चलाने के मामले बड़ी संख्या में हैं। लेकिन, इन मामलों में कार्रवाई ना के बराबर है। अधिकारी मात्र लीपापोती इस ओर करते हैं। विपरीत दिशा में वाहन चलाने से कई बड़ी सड़क दुर्घटनाएं जनपद में हो चुकी हैं। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो करीब 40 से अधिक मौत जनपद में हो चुकी हैं। यहां तक कि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। नाबालिग सड़कों पर खुलेआम वाहन दौड़ा रहे हैं। कहा जाए तो इन पर कार्रवाई होती ही नहीं है। स्कूलों में जागरूकता अभियान के बावजूद स्वजन बच्चों को वाहन चलाने के लिए दे रहे हैं। जो अपने साथ-साथ दूसरों की जिदगी से भी खिलवाड़ करते हैं। जबकि, नाबालिग के वाहन चलाने पर उनके स्वजन पर भी कार्रवाई जरूरी है। विभागों की लापरवाही के कारण ही जनपद में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में लोगों का स्वयं भी जागरूक होना जरूरी है। बता दें कि विपरीत दिशा में वाहन चलाने पर इस वर्ष मात्र 12 पर जुर्माने की कार्रवाई की गई हैं। नशे में वाहन चलाने पर मात्र 18 के विरुद्ध कार्रवाई हुई है। यातायात पुलिस के निरीक्षक प्रवीन शर्मा कहते हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। यहां तक कि वाहनों को सीज भी किया जाता है। लोगों की सुरक्षा के लिए ही यातायात नियम बनाए गए हैं। इसलिए लोगों को इनका पालन करना चाहिए।

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यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई का विवरण

वर्ष, बिना हेल्मेट, बिना सीट बेल्ट, नाबालिगों के वाहन चलाने पर चालान

2019, 4602, 2268, 0

2020, 3206, 1336, 8

(नोट-2020 के आंकड़े अक्टूबर तक)

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गाजियाबाद

गलत दिशा में वाहन चलाना भी हादसों की बड़ी वजह

एनएच नौ, जीटी रोड, मेरठ रोड व हापुड़ रोड पर सबसे ज्यादा गलत दिशा में वाहन चलते हैं। जीटी रोड पर मेट्रो स्टेशन कट, एनएच नौ पर अंडर पास, जीटी रोड पर डासना व मसूरी के पास से लोग विपरीत दिशा में वाहन निकालते हैं। आंबेडकर रोड, घंटाघर, सीमापुरी बार्डर से मोहन नगर, गांधी नगर, ठाकुर द्वारा फ्लाईओवर के नीचे, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, क्लाउड 9 यूटर्न से डीपीएस मेरठ रोड के बीच, काला पत्थर रोड, वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास, महाराजपुर यूटर्न के पास बेतरतीब सड़क के किनारे वाहन खड़े रहते हैं। जिले में शराब का सेवन कर वाहन चलाने पर यातायात पुलिस कार्रवाई करने में पीछे है। शराब पीकर वाहन चलाने पर साल 2018 में 54, साल 2019 में 31 और साल 2020 में अक्टूबर तक 18 व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है।

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नियम तोड़ने पर तीन साल में कई गई कार्रवाई

वर्ष, वाहनों के चालान

2018, 117795

2019, 345231

2020, 349174

(नोट-2020 के आंकड़े अक्टूबर तक के हैं) यातायात नियम तोड़ने पर पुलिस प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। बेतरतीब खड़े वाहनों को जब्त कर लिया जाता है। विपरीत दिशा में चलने वाले वाहन चालकों का चालान किया जा रहा है। पुलिस वाहन चालकों को जागरुक भी कर रही है।

-रामानंद कुशवाहा, एसपी यातायात, गाजियाबाद

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