औद्योगिक क्षेत्र साइट सी में प्रवेश का बनेगा नया रास्ता

औद्योगिक क्षेत्र साइट सी में प्रवेश का बनेगा नया रास्ता

जागरण संवाददाता ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने सोमवार को साइट-5 स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में उद्यमियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं और निराकरण का आश्वासन दिया। सीईओ ने कहा कि साइट-5 में प्रवेश के लिए नया रास्ता बनेगा। यह रास्ता कासना स्थित सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज की तरफ से होगा। इसके बनने से उद्यमियों को राहत मिलेगी।

Publish Date:Mon, 13 Jul 2020 09:29 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने सोमवार को साइट-5 स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में उद्यमियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं और निराकरण का आश्वासन दिया। सीईओ ने कहा कि साइट-5 में प्रवेश के लिए नया रास्ता बनेगा। यह रास्ता कासना स्थित सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज की तरफ से होगा। इसके बनने से उद्यमियों को राहत मिलेगी।

यूपीसीडा सीईओ सोमवार सुबह साइट-5 स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि साइट-5 औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश के लिए नया रास्ता बनेगा। इससे उद्यमियों को राहत मिलेगी। अभी कारखानों में जाने के लिए उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, यूपीसीडा का कस्टमर केयर हेल्प सेंटर बनाया जाएगा। इससे साइट बी और सी के उद्यमियों को समस्या लेकर कासना स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक के कार्यालय न आना पड़े। यूपीसीडा के कार्यालय में प्रदर्शनी के लिए एक गैलरी बनाई जाएगी। यहां उद्यमी उत्पादों को प्रदर्शित कर सकेंगे। बैठक के बाद सीईओ ने शाम को औद्योगिक सेक्टर साइट-सी का निरीक्षण किया। यहां तमाम खामियां मिली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन्हें दूर करने के निर्देश दिए। उद्यमियों ने रखीं समस्याएं

इस दौरान उद्यमियों ने विभिन्न समस्याओं को सीईओ के सामने रखा। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आइआइए) ने सभी औद्योगिक सेक्टरों की टूटी सड़कें, बंद नालियां व अन्य समस्याओं की जानकारी दी। सीईओ ने सड़कों की मरम्मत कराने और साफ-सफाई का आश्वासन दिया। ग्रेनो इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन ने भी सीईओ के सामने विभिन्न मांगें रखीं। इनमें पार्को पर अतिक्रमण, ड्रेनेज सिस्टम, बिजली की समस्या शामिल रहीं। सीईओ ने सभी समस्याओं का जल्द निवारण करने का आश्वासन दिया।

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