Jagran Forum 2021: कभी सोचा नहीं था पैरालिंपिक और जागरण फोरम जैसे मंच पर पहुंचुंगाः सुहास एलवाई

Jagran Forum 2021 ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपोर्ट सेंटर एंड मार्ट में दैनिक जागरण विमर्श के समापन सत्र में केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश हमेशा दंगों की आग में जला है वो भी तब सरकार के लोग खुद को सेकुलर बताते थे।

Mangal YadavTue, 21 Sep 2021 11:08 PM (IST)
नोएडा के डीएम और पैरालिम्पिक के रजत पदक विजेता सुहास एलवाई का केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मान।

ग्रेटर नोएडा, जागरण न्यूज नेटवर्क। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपोर्ट सेंटर एंड मार्ट में दैनिक जागरण विमर्श के समापन सत्र में केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश हमेशा दंगों की आग में जला है, वो भी तब सरकार के लोग खुद को सेकुलर बताते थे। वो लोग सेक्युलरिज्म का झोला टांगकर घूमते थे। 1980 के दंगे में 400 से ज्यादा लोग मारे जाते हैं। 1987 में मेरठ दंगे में भी सैकड़ो लोग मारे गए। मुजफ्फरनगर, कानपुर आगरा सभी जगह दंगों की लंबी श्रृंखला है। आज इन दंगों के दंश से मुक्ति मिली। 

दैनिक जागरण के प्रबंध संपादक तरुण गुप्त ने सभी मंत्रियों का आभार जताते हुए कहा कि जो जागरण विमर्श में आये। जागरण विमर्श अभी कुछ शहरों में हुआ है और कुछ शहरों में होगा। इसका उद्देश्य है कि नीति निर्माताओं और जनता के बीच एक संवाद हो। हम दावा नहीं करते कि सभी समस्याओं का समाधान होगा लेकिन हम इस तरह के प्रयास करते रहेंगे। दैनिक जागरण समाज के हित और सुधार के लिए सतत कार्य करता रहेगा।

मुख्तार अब्बास नकवी के संबोधन के प्रमुख अंश

गुंडों माफियाओं पर कानून का शिकंजा कसा गया पहले कोई काम दलालों के बिना नहीं होता था, लाइजनर अधिकारियों और मंत्रियों से सौदे कराते थे अब दलालों की दुकान बंद हो गयी है।

भाजपा पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगते हैं इस पर नकवी ने कहा हम विकास करते हैं। हमारा काम विकास का मसौदा है वोट का सौदा नहीं। हमारा लक्ष्य हर जरूरतमंद की आंखों में खुशी है। कुछ विपक्षी- परिवार के घोंसले तक सिमटी पार्टी तक सिमटे लोग देश को समावेशी विकास की ओर नहीं ले जा सकते।

वहीं, गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एलवाई ने कहा अक्सर हम अपने सपनों को पूरा करने से डरते हैं। सपनों को पूरा करने से डरें नहीं और कदम बढ़ाएं। दैनिक जागरण ने ये मंच दिया इसका धन्यवाद। पहले कहा जाता था कि पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब। अब मैं कहूंगा कि पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे लाजवाब।

डीएम के संबोधन के प्रमुख अंश

ये नहीं सोचा था कि जिंदगी इतने बड़े मंचों तक लेकर जाएगी।

जागरण और पैरालिम्पिक जैसे मंच पर पहुंचुंगा।

सीख देते हुए कहा कि हम कभी न सोचें कि ये नहीं होगा

हमेशा सोचे कि होगा, समय लगेगा लेकिन होगा।

इससे पहले पांचवें सत्र में यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने कहा कि एनसीआर में अंतरराष्ट्रीय खेलों को बढ़ावा देने की सभी सुविधाएं उपलब्ध। ओलंपिक में पदक जीतने के लिए ग्रामीण स्तर पर खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता। इसे देखते हुए ब्लॉक व तहसील स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है।

डॉ अरुण वीर सिंह के संबोधन के प्रमुख अंश

यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि नोएडा जल्द बनेगा स्पोर्ट्स हब। किसी भी शहर को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट हो या वर्ल्ड क्लास हाइवे, इससे खिलाड़ियों का नोएडा आना आसान होगा। जल्द ही यहां पीपीपी मॉडल पर स्टेडियम बनाने की तैयारी की जा रही है। पंचायत स्तर पर खेल के मैदान बनाये जाएंगे। गांव गांव में स्टेडियम बनाने की योजना है जिससे बच्चों को खेल से जोड़ा जा सके।

जागरण विमर्श के खेल सत्र में शामिल हुए गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा अधिकारियों की इच्छा शक्ति के चलते कई खेल परियोजनाएं अधूरी रह जाती हैं। सरकार के जनप्रतिनिधि घोषणाएं करने तक रह जाते हैं, सरकार और अधिकारियों की उदासीनता से खिलाड़ियों को सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। खिलाड़ियों को मिले सुविधाएं तो खेलों में नोएडा, गाजियाबाद सहित यूपी एनसीआर की स्थिति बेहतर हो सकती है। 

जागरण विमर्श के कानून एवं व्यवस्था और महिला सुरक्षा के बारे में चर्चा करते हुए पुलिस कमिश्नर अलोक सिंह ने कहा कि 20 माह में माफिया की 144 करोड़ की संपत्ति कुर्क की। इसके अलावा माफिया सोनभद्र की जेल में सड़ रहे हैं।

आलाेक सिंह के संबोधन के प्रमुख अंश

महिला सुरक्षा के लिए अलग से टीम बनी। वृंदा शुक्ला के नेतृत्व में स्वयंसिद्धा टीम काम कर रही। महिलाओं के लिए पहले से बेहतर हुआ माहौल। तकनीक के साथ मिलकर अपराधियों से लड़ रहे। पुलिस कमिश्नरी बनने से मजिस्ट्रियल पावर मिलीं, जिसका आम जन को लाभ मिला। कोरोना काल में पुलिस ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। सीनियर सिटीजन पुलिस अधिकारियों को फोन करके दवाई मंगवाते थे। हमारे पुलिस अधिकारियों ने बुजुर्गों के साथ मिलकर जन्मदिन मनाया।

वहीं विक्रम सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था सुधारने के लिए शीर्ष अधिकारी से लेकर कांस्टेबल तक ईमानदारी से काम करने का संकल्प लेना होगा। हम थानों को मंदिर बनाने की बात तो करते हैं लेकिन इसके लिए सबसे पहले प्राण प्रतिष्ठा करनी होगी।

विक्रम सिंह के संबोधन के प्रमुख अंश

हम सुधर जाएं तो सब सुधर जाएंगे सीएम योगी से मिला तो कहा कि मुझे मलाल है कि आपके साथ काम करने का मौका नहीं मिला। पुलिस का इस्तकबाल तभी बुलंद होगा जब पुलिस हाथ खोलकर काम करेगी। स्वार्थी लोग नहीं चाहते थे कि पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो। अंडरवर्ल्ड से लड़ने के लिए पुलिस को अपडेट होना पड़ेगा। पुलिस में सुधार के लिए पुलिस कानून में भी बदलाव करना होगा। केवल भारत में ही 1861 के बने कानून लागू हैं।

फुटबॉल के कोच अनादि बरुआ के संबोधन के प्रमुख अंश

इसी सत्र में शामिल हुए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और फुटबॉल के कोच अनादि बरुआ ने कहा सभी खेलों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की है दरकार, बिना सुविधाएं दिए खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद करना और बेहतर प्रदर्शन के अपेक्षा करना बेमानी है।

इससे पहले जागरण विमर्श के तीसरे सत्र में शिक्षा मौजूदा ढांचा और संभावनाओं पर विमर्श शुरू हुआ। संयुक्त सचिव शिक्षा संतोष यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति बनाने के लिए 15 लाख सुझाव आए थे। इन सभी पर विचार करने के बाद नई शिक्षा नीति का ढांचा तैयार किया गया है। संतोष यादव ने कहा कि रट्टा मार पढ़ाई किसी काम की नहीं होती है।

संतोष यादव के संबोधन के प्रमुख अंश 

नई शिक्षा नीति 2030 तक होगी लागू। इसे विभिन्न चरणों में लागू किया जाएगा। एक साथ लागू करने के लिए बहुत संसाधनों की आवश्यकता है सभी संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं। 2025 तक कक्षा 3 तक का हर बच्चा कितना सीख ले इस पॉलिसी में यह भी तय किया गया है। 22% टाइम बच्चा स्कूल में रहता है। 78 परसेंट बच्चा परिवार और अन्य जगह रहता है। 45 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की क्षमता होनी चाहिए। रट्टू तोता बनने के बजाय सीखने की प्रवृत्ति लानी होगी। स्टेट करिकुलम बनने के बाद सेंट्रल करिकुलम बनेगा। नई शिक्षा नीति इसी के अनुरूप लागू होगी।  

इससे पहले दूसरे सत्र में केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि स्मार्ट सिटी के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में नंबर वन हो गया है।

महेंद्र नाथ के संबोधन के प्रमुख अंश

स्मार्ट सिटी के मामले में उत्तरप्रदेश पूरे देश में नंबर वन रोजगार के मामले में पहले भी स्वयं सहायता समूह थे,लेकिन स्वयं सहायता समूह में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार मिला है। वहीं, स्व सहायता समूह में एक करोड़ महिलाओं को भी रोजगार हासिल हुआ है। वन इंडस्ट्रीज वन प्रोडक्ट इसने कारोबारी सेवाओं को बहुत सपोर्ट किया है। कई राज्य इस योजना को अपने यहां लागू करने पर विचार कर रहे हैं, इससे 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है

वहीं, इससे पहले 'यूपी-एनसीआर: आशाएं और चुनौतियां' विषय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन खत्म हो गया। इसके बाद यहां पर उपस्थित अतिथियों के सवालों का दौर भी हुआ। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों के साथ अन्याय किया है। 1451 ऐसे मामले हैं, जिनका निस्तारण शासन स्तर से किए जाने पर विचार विमर्श की स्थिति बन चुकी है। कुछ मामलों में प्रशासन से जानकारी मांगी गई है और कुछ मामलों में अभी एसआइटी जांच की जरूरत है। नियम के दायरे में रहकर बिना किसी भेदभाव के सरकार पूरी संवेदनशीलता से इन सभी मामलों का समाधान करना चाहती हैं। एसआइटी की रिपोर्ट को सरकार प्रतिबद्धता से लागू करेंगे।

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस के दौर में बहुत सारे लोगों ने बिना अपनी जान की परवाह किए लोगों की मदद की। वहीं, काफी लोगों ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने का प्रयास किया। कुछ अस्पतालों ने तो बीमारी की अपनी कमाई का जरिया बना लिया था। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। योगी ने यह भी कहा कि अधिकांश लोगों ने बेहतर कार्य किया और वह सम्मान के पात्र हैं।

पहले की सरकारों ने किसानों के साथ अन्याय किया है। हम यहां नई फिल्म सिटी बनाने जा रहे हैं, जिसकी औपचारिकता लगभग पूरी हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और बिक्री के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से बेहतर जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिटी बस की सेवा को इलेक्ट्रिक बस सेवा के रूप में बदला जाएगा। ईज आफ डूइंग बिजनेस के मामले में उत्तर प्रदेश 15 स्थान से दूसरे स्थान पर आ गया है और छठी अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर देश की दूसरी अर्थव्यवस्था बन गया है। भविष्य में उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे। प्रदेश का प्रत्येक जनपद प्रत्येक प्राधिकरण अलग-अलग क्षेत्र में कार्य करने वाली सभी संस्थाएं पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरी ईमानदारी के साथ आमजन के लिए संवेदनशील बनते हुए लक्ष्यों को प्राप्त करने में आगे बढ़ रहे हैं। अगले 5 वर्ष उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे सूबे में हर स्तर पर समस्याओं का समाधान करने के लिए कार्य किया जा रहा है। ये समस्याएं हैं जो बरसों से लंबित थी और कभी इनको संज्ञान नहीं लिया गया। कभी सूबे में अराजकता सिर चढ़कर बोलती थी, लेकिन अब हर व्यक्ति उमंग और उत्साह के साथ उत्तर प्रदेश में बढ़ना चाहता है। उत्तर प्रदेश के 4 शहरों में मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में कानपुर में मेट्रो का संचालन होगा। यूपी की पहचान बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश करते ही अब अंधेरे नहीं उजाले से स्वागत होता है। भय मुक्त भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने में सरकार ने सफलता पाई है। कमरतोड़ गड्ढे वाले उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। पहले देश अपने उपचार के लिए दिल्ली जाता था। कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली के लोगों को भी सुविधाएं नहीं मिल पाई तो उस समय नोएडा में अपनी बीमारी के इलाज के लिए आना पड़ा। देश की सबसे बड़ी आबादी के राज्य यूपी का चेहरा है गौतमबुद्धनगर और इस चेहरे ने बीते साढ़े 4 वर्ष में पूरे देश को संदेश दिया है। सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट गरीबों से जुड़ी योजनाएं सभी को आगे बढ़ाने के लिए शासन के प्रति बताएं किसी से छुपी नहीं हैं।यही कारण है जब पूरी दुनिया सदी की सबसे बड़ी महामारी से पस्त थी, तब भी हमने काम किया। एनसीआर का क्षेत्र अलग-अलग कारणों से जाना जाता है। खास तौर पर गौतम बुद्धनगर जनपद को पूर्व के मुख्यमंत्रियों द्वारा अभिशप्त माना जाता था। हमने इस रूढ़ि को तोड़ा है। सुरक्षा, सुशासन और विकास के सरकार के एजेंडे का लाभ एनसीआर को भी मिल रहा है। कार्यक्रम सुबह दस बजे से शुरू हुआ है जो शाम साढ़े चार बजे तक अलग-अलग सत्र में होगा। केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री इस दौरान संबोधित करेंगे। वक्ताओं से प्रश्नोत्तर काल भी होगा। कार्यक्रम में प्रवेश इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट के गेट नंबर तीन से मिलेगा। जागरण विमर्श का उद्घाटन सत्र सुबह दस बजे से होगा। एक घंटे के सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'यूपी-एनसीआर में विकास की संभावनाओं व चुनौतियां' पर विचार रखेंगे। जागरण विमर्श में उपस्थित अतिथियों के सवालों का भी मुख्यमंत्री जवाब देंगे और यूपी-एनसीआर के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे।

जागरण फोरम-2021 का कार्यक्रम सुबह से चल रहा है जो शाम तक जारी रहा। बता दें कि यूपी-एनसीआर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास का इंजन है। रोजगार के बड़े केंद्र के तौर पर उभर रहा है।  

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.