UP Assembly Election 2022: जानिये- कैसे एक हफ्ते के अंदर अखिलेश यादव ने कांग्रेस से लिया बदला, 'हाथ' छोड़ साइकिल पर बैठे पीतांबर शर्मा

UP Assembly Elections 2022 लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी अअध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान पीतांबर शर्मा ने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताया। पीतांबर शर्मा गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस का मजबूत चेहरा रहे हैं। उन्होंने 2012 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा था।

By Jp YadavEdited By: Publish:Thu, 17 Jun 2021 09:10 AM (IST) Updated:Thu, 17 Jun 2021 10:37 AM (IST)
UP Assembly Election 2022: जानिये- कैसे एक हफ्ते के अंदर अखिलेश यादव ने कांग्रेस से लिया बदला, 'हाथ' छोड़ साइकिल पर बैठे पीतांबर शर्मा
जानिये- कैसे एक हफ्ते के अंदर अखिलेश यादव ने कांग्रेस से लिया बदला, 'हाथ' छोड़ साइकिल पर बैठे पीतांबर शर्मा

ग्रेटर नोएडा [धर्मेंद्र कुमार]। UP Assembly Elections 2022: एक साल के भीतर होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है। इस बीच नेताओं का पाला बदल अभियान भी जारी है। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित पीतांबर शर्मा बेटे कपिल शर्मा के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।

जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी अअध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान पीतांबर शर्मा ने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताया। पीतांबर शर्मा गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस का मजबूत चेहरा रहे हैं। उन्होंने 2012 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा था। जिले में ब्राह्मण मतदाताओं में पैठ मजबूत करने में मदद मिलेगी। वहीं, गाजियाबाद  के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने भी बुधवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। माना जा रहा है कि वह साहिबाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं।

सपा ने लिया कांग्रेस से बदला, अखिलेश का साथ छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं अनिल यादव

पीतांबर शर्मा गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। ऐसे में पीतांबर शर्मा को अपने साथ मिलाकर समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अनिल यादव के कांग्रेस में शामिल होने का बदला एक सप्ताह के भीतर ले लिया है। पिछले सप्ताह ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लखनऊ में अनिल यादव को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई। अनिल यादव की पत्नी पंखुड़ी पाठक पहले ही सपा को बाय-बाय कह कर कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। शनिवार को लखनऊ में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अनिल यादव ने कहा कि उन्हें वर्ष 2014 में मात्र 23 साल की उम्र में समाजवादी पार्टी ने नोएडा महानगर अध्यक्ष बनाया था। वर्ष 2016 में उन्हें समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया था। फरवरी में उन्होंने निजी कारणों से सपा का दामन छोड़ दिया था, लेकिन आज भी अपनी धर्म निरपेक्ष विचारधारा पर कायम हैं। फिलहाल गौतमबुद्धनगर में अनिल यादव के जाने से झटका खाने वाली सपा ने पीतांबर शर्मा को छीनकर कांग्रेस को एक बड़ा झटका जरूर दिया है।

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