सुंदर भाटी गिरोह का सदस्य व 25 हजार का इनामी रवि भाटी गिरफ्तार, बुलेट प्रूफ स्कार्पियो बरामद

पुलिस की टीमें पिछले छह महीने से उसकी तलाश कर रही थी। एडिशनल एसपी एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस के साथ अभियान में सुंदर भाटी गिरोह के सदस्य व सिंघराज के भतीजे रवि भाटी को धर दबोचा गया।

Vinay Kumar TiwariWed, 16 Jun 2021 03:57 PM (IST)
संयुक्त अभियान में सुंदर भाटी गिरोह के सदस्य व सिंघराज के भतीजे रवि भाटी को धर दबोचा गया है।

ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सुंदर भाटी गिरोह के सक्रिय सदस्य व 25 हजार के इनामी रवि भाटी उर्फ रविंद्र को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से बुलेट प्रूफ स्कार्पियो व कंट्री मेड पिस्टल बरामद की गई है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वह फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें पिछले छह महीने से उसकी तलाश कर रही थी। एडिशनल एसपी एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में सुंदर भाटी गिरोह के सदस्य व सिंघराज के भतीजे रवि भाटी को धर दबोचा गया है।

बीटा दो कोतवाली में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वह फरार चल रहा था। बदमाशों ने एक फैक्ट्री में जाकर रंगदारी की मांग की थी। मामले की रिपोर्ट पीडि़त ने कोतवाली में दर्ज कराई थी। घटना के बाद से आरोपित फरार चल रहा था। उसके कई साथी मामले में पूर्व में पकड़े जा चुके है। वहीं सिंघराज वर्तमान में गोरखपुर जेल में है। उसको हरेंद्र प्रधान हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद से रवि गिरोह का संचालन कर रहा था।

बुलेट प्रूफ स्कार्पियो की जांच

एसटीएफ पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रवि के पास बुलेट प्रूफ स्कार्पियो कहा से आई। स्कार्पियो पर अवैध रूप से बुलेट प्रूफ चढ़ाई गई है। बता दें कि गृह विभाग की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति गाड़ी को बुलेट प्रूफ नहीं करवा सकता है।

पूर्व में रासुका के तहत हो चुकी है कार्रवाई

वर्ष 2009 में पानी के विवाद में सूरजपुर में रवि पक्ष ने हमला बोल दिया था। मामले में आरोपित जेल गए थे। रवि पर उस मामले में रासुका की कार्रवाई भी हुई थी। उस पर कुल दस आपराधिक मुकदमे दर्ज है।

ऐसे सुंदर भाटी गिरोह से जुड़ारामपुर माजरा गांव का रहने वाला 36 वर्षीय रवि अपने चाचा सिंघराज का लाडला है। सिंघराज पूर्व में सुंदर के भाई सहदेव के साथ सिकंदराबाद के जेएस डिग्री में पढ़ा था। सहदेव ने सिंघराज को सुंदर को मिलवाया। उसके बाद रवि भी गिरोह में शामिल हो गया।

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