उत्तर प्रदेश के नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चीनी कंपनियों के अधिकारी जांच एजेंसी के रडार पर

आपराधिक गतिविधियों को भांपना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है।

खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि ग्रेटर नोएडा में भी कई ऐसे संभावित ठिकाने हैं जहां विदेशी नागरिक बिना वीजा के रह रहे है। पूर्व में बिना वीजा पासपोर्ट के 60 विदेशी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ा भी था।

Publish Date:Tue, 26 Jan 2021 09:42 AM (IST) Author: JP Yadav

नोएडा [प्रवीण विक्रम सिंह]। साइबर इकोनॉमिक फ्रॉड के मामले में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी एटीएस) की टीम ने रविवार को दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने दावा किया है कि गौतमबुद्ध नगर की चीनी कंपनियों के अधिकारी आरोपितों के संपर्क में थे। वीजा अवधि सितंबर 2020 में समाप्त होने के बाद दोनों चीनी नागरिकों ने नोएडा व ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग ठिकाने बनाए थे। यह ठिकाने कंपनियों के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। चीनी कंपनियों के अधिकारी जांच एजेंसी के रडार पर हंै। इसके अलावा जिन दुकानों से सिम खरीदे गए थे, उन दुकानदारों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। दरअसल, गौतमबुद्ध नगर में करीब 25 चीनी फैक्ट्रियां हैं। इनमें बड़ी संख्या में चीनी नागरिक नौकरी करते हैं, कई अधिकारी पद पर भी है। एटीएस की जांच में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है कि वीजा समाप्त होने के बाद भी चीनी नागरिक दिल्ली एनसीआर में रह रहे थे। आशंका है कि ग्रेटर नोएडा में भी कई ऐसे संभावित ठिकाने हैं, जहां विदेशी नागरिक बिना वीजा के रह रहे है। पूर्व में बिना वीजा पासपोर्ट के 60 विदेशी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ा भी था। ऐसे में देश सुरक्षा के मद्देनजर विदेशी नागरिकों पर नजर बनाए रखना और उनकी आपराधिक गतिविधियों को भांपना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है।

जल्द हो सकती है और गिरफ्तारी

एटीएस की टीमें गुरुग्राम में छापेमारी कर रही है। मामले में कई और विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हो सकती है। यह गिरोह पिछले दो साल से साइबर फ्रॉड के मामले में सक्रिय था। अब एटीएस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में लग गई है।

यह है मामला

यूपी एटीएस ने पिछले सप्ताह साइबर फ्रॉड करने वाले 14 लोगों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ पर चीनी नागरिकों की जानकारी मिली। बीते रविवार को दो चीनी नागरिक पोचंली टेगली उर्फ ली टेंगली और जू जुंफू को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। दोनों ने एक साल में फर्जी आइडी से एक हजार सिम खरीद कर गुरुग्राम स्थित एक चाइनीज होटल के मालिक को सप्लाई किए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन सिम से ऑनलाइन खाते खोलकर साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया जाता था।

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