Rashtriya Bal Puraskar 2021: पीएम मोदी की बातों ने चिराग भंसाली को सिखाया जिंदगी का मतलब

नोएडा के सेक्टर-40 निवासी चिराग भंसाली की फाइल फोटो

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 में नोएडा के चिराग भंसाली का चयन इनोवेशन के लिए हुआ है। चाइनीज एप पर सरकार के प्रतिबंध के बाद उन्होंने स्वदेशी टेक नामक एक वेबसाइट बनाई है। इस प्लेटफार्म पर भारतीय यूजर्स के लिए चीन के हर प्रतिबंधित एप का विकल्प मौजूद है।

Publish Date:Mon, 25 Jan 2021 06:11 PM (IST) Author: Mangal Yadav

नोएडा [पारुल रांझा]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 के विजेताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की। सेक्टर-40 निवासी चिराग भंसाली भी प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल संवाद में शाम‍िल हुए। पीएम ने सभी बच्‍चों की सराहना करते हुए अपनी क्षमता का और व‍िकास करने का आह्वान क‍िया। हालांक‍ि समयाभाव के कारण केवल कुछ बच्‍चों से ही सीधा संवाद हो सका। चिराग भंसाली ने सेक्टर-27 स्थित जिलाधिकारी कार्यालय से देश के अन्य भागों के पुरस्कार विजेता बच्चों के साथ प्रधानमंत्री को सुना।

दिल्ली पब्लिक स्कूल नोएडा में 11वीं कक्षा के छात्र चिराग ने बताया कि राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नाम चयनित होने को लेकर काफी उत्सुकता थी। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री से बात करने को लेकर घबराहट भी थी। प्रधानमंत्री द्वारा कही गई बातों से जिंदगी का नया फलसफा सीखने को मिला। उनके संदेश ने न केवल मनोबल बढ़ाया। यह भी सिखाया कि इस सफलता की खुशी में खोना नहीं है। न ही पुरस्कार के साथ मिलने वाली वाहवाही के फेर में अपने कर्म को कभी पीछे होने देना है। बल्कि हमेशा मेहनत कर आगे बढ़ते जाना है।

चिराग भंसाली ने बनाई हैं स्वदेशी टेक वेबसाइट

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 में नोएडा के चिराग भंसाली का चयन इनोवेशन के लिए हुआ है। चाइनीज एप पर सरकार के प्रतिबंध के बाद उन्होंने स्वदेशी टेक नामक एक वेबसाइट बनाई है। इस प्लेटफार्म पर भारतीय यूजर्स के लिए चीन के हर प्रतिबंधित एप का विकल्प मौजूद है।

मात्र एक सप्ताह में वेबसाइट बनाकर तैयार की थी। 16 वर्षीय चिराग को सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श सेवाएं और व्यवसाय सुविधाएं प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस द्वारा दिल्ली में आयोजित टीसीएस आईटी विज में प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। मात्र 12 साल की उम्र में उन्होंने यूट्यूब से कोडिंग करना सीख लिया था। वर्तमान में वह एक ऐसी एप पर काम कर रहें हैं, जिसमें फोटो के जरिये आंखों की बीमारी का पता लगाया जा सकें। ताकि लोग आसानी से उपचार के लिए डॉक्टर के पास जा सकें।

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