ग्रेटर नोएडा में नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़, देश के कई हिस्से में हो रही थी सप्लाई

औषधि विभाग ने ग्रेटर नोएडा स्थित इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में नकली दवाओं की फैक्ट्री पकड़ी है। नकली दवा फैक्ट्री के तार बीते दिन मुंबई पुलिस द्वारा मेरठ के खरखौदा में धीरखेड़ा औद्यौगिक क्षेत्र में पकड़ी गई दवा फैक्ट्री से जुड़े मिले।

Prateek KumarTue, 08 Jun 2021 05:31 PM (IST)
ग्रेटर नोएडा में नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़

ग्रेटर नोएडा, मोहम्मद बिलाल। मुंबई पुलिस द्वारा मेरठ में नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किए जाने के बाद सक्रिय हुए जिला औषधि विभाग ने मंगलवार को नोएडा में भी बिना लाइसेंसी दवा बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी है। फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान दवा बनाने के लिए इस्तेमाल करोड़ों रुपये की मशीन, 20-25 लाख रुपये की दवा, दवा रैपर, कार्टन आदि सामान बरामद किया है।

मंगलवार दोपहर को मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त औषधि वीरेंद्र कुमार ने गाजियाबाद, बुलंदशहर व नोएडा के औषधि आयुक्त वैभव बब्बर व इकोटेक-3 कोतवाली पुलिस को साथ लेकर इकोटेक के पी-241 में एक बंद फैक्ट्री में छापेमारी की। औषधि विभाग को यहां आठ प्रकार की एंटीबायोटिक दवाएं मिलीं। इनकी कीमत लाखों रुपये से अधिक की आंकी गई है। दवा बनाने के साथ इस्तेमाल मशीन भी मौके से मिली है। दवाओं पर हिमाचल की मैक्स कंपनी का लेबल लगाकर होलसेल लगा मिला। दवा फैक्ट्री कब से चल रही थी। इसकी जांच की जा रही है। औषधि विभाग के अधिकारियों की माने तो फैक्ट्री में दवाओं को बनाने के साथ नकली दवा पर रेपर लगाने का भी काम होता है। दवा तैयार होने के बाद देश के अलग-अलग बाजारों में इसकी आपूर्ति की जा रही थी। सभी दवाएं एंटीबायोटिक है। जो दवाएं मिली है उनका उपयोग कोरोना संक्रमित के इलाज में भी किया जाता होगा।

छापेमारी के दौरान यहां दवाएं मिलीं

अजिथ्रोमाइसिन, फेविपिराविर, हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन, एसफुरेक्स सीवी, फरोपिनम, फेवीमैक्स आदि दवाएं मिली है। नोएडा के औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान मिली सभी दवाओं के सैंपल को जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं मिला है। जांच में औषधि बनाने के लिए जरूरी मौके से कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। दवा फैक्ट्री के तार बीते दिन मुंबई पुलिस द्वारा मेरठ के खरखौदा में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में पकड़ी गई नकली दवा फैक्ट्री से जुड़े मिले है।

क्या है पूरा मामला

मुंबई की औषधि विभाग की टीम और पुलिस ने मिलकर कुछ दवाओं की रैंडम सेंपलिंग कराई थी। इसमें हिमाचल प्रदेश की एक दवा कंपनी की दवाओं और इंजेक्शन के सैंपल फेल हो गए थे। मुंबई पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार से संबंधित दवा कंपनी की जानकारी मांगी तो पता चला कि दी गई जगह पर इस तरह की कोई फर्म नहीं है। पुलिस ने दवा मंगवाने वाले संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की, तो गाजियाबाद का कनेक्शन मिला। पता चला कि गाजियाबाद निवासी सुदीप ने दवा की आपूर्ति की थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सुदीप को गिरफ्तार किया था। सुदीप ने पूछताछ बताया कि वह मेरठ के खरखौदा धीरखेड़ा स्थित एबीएम लैब प्राइवेट लिमिटेड से यह माल तैयार कराता था। इसकी पैकिंग नोएडा में कराता था और इन पर हिमाचल की कंपनी की लेबल लगाकर सप्लाई कर रहा था। सूचना पर मुंबई पुलिस ने मेरठ की एबीएम लैब पर छापा मारा गया और कंपनी के चेयरमैन संदीप को गिरफ्तार किया गया था।

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