बिना सब लीज कराए बिल्डरों द्वारा फ्लैट क्रेताओं को कब्जा देने पर सीईओ ने जताई नाराजगी

नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी बैठक करते हुए।

बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने कहा कि अधिकांश बिल्डर्स की ओर से बिना सब लीज कराए ही फ्लैट क्रेताओं को कब्जा प्रदान कर दिया हैजो सब लीज की नियम व शर्तों का उल्लंघन है। प्राधिकरण ने दो मार्च को 18 बिल्डर्स सोसायटी का भौतिक सत्यापन कराया है।

Prateek KumarWed, 03 Mar 2021 10:10 PM (IST)

नोएडा [कुंदन तिवारी]।  ग्रुप हाउसिंग डिफाल्टर आवंटियों की देयता और लंबित उप पट्टा प्रलेख निष्पादन (सब लीज) को लेकर बुधवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें सुपरटेक लिमिटेड, महागुन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड, एम्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड, इम्पिरियल हाउसिंग वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं पारस सीजन प्राइवेट लिमिटेड, अंतरिक्ष डेवलपर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रतीक रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड,सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एवं किंडल इंफ्रा प्रोजेक्टस, सेठी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड समेत 18 बिल्डर प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने कहा कि अधिकांश बिल्डर्स की ओर से बिना सब लीज कराए ही फ्लैट क्रेताओं को कब्जा प्रदान कर दिया है, जो सब लीज की नियम व शर्तों का उल्लंघन है। प्राधिकरण ने दो मार्च को 18 बिल्डर्स सोसायटी का भौतिक सत्यापन कराया है, जिसमें पाया गया कि 18 परियोजनाओं में कई फ्लैटों का कब्जा बिना रजिस्ट्री कराए प्रदान करा दिया गया है।

बिल्डर्स का यह दायित्व निर्धारित किया गया कि नियम व शर्तों के विपरीत कब्जा प्रदान किए गए फ्लैटों के सब लीज का कार्य प्राथमिकता के आधार पर मार्च के अंत तक पूर्ण करा लिया जाए। किसी भी प्रकार की उदासीनता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में रेरा को भी अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया जा रहा है।

प्राधिकरण की देयताओं को एक मुश्त भुगतान में उपस्थित बिल्डर्स की ओर से असमर्थता व्यक्त करने पर उनको फ्लैट वार भुगतान कर उप पट्टा प्रलेख की सुविधा के अंतर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। साथ ही लंबित सब लीज प्रकरणों को मार्च माह में प्रारंभ कर 3 माह के अंदर निष्पादित कराने का निर्देशित किया गया। इस संदर्भ में बिल्डर्स के अनुरोध पर स्टांप विभाग से समन्वय स्थापित करके विशेष कैंप की व्यवस्था कराई जाएगी।

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