कोरोना बेदम, स्कूल चले हम

कोरोना बेदम, स्कूल चले हम

जागरण संवाददाता नोएडा कोरोनाकाल के करीब 11 माह बाद आखिरकार सोमवार को शहर के सरकारी और निजी विद्यालय सामान्य पढ़ाई के लिए खुल गए। पहले दिन कई तरह के नजारे दिखे। चेहरे पर मुस्कान लिए बच्चे स्कूल में अपने संगी-साथियों के साथ गपशप करते देखे गए।

JagranMon, 01 Mar 2021 09:46 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नोएडा : कोरोनाकाल के करीब 11 माह बाद आखिरकार सोमवार को शहर के सरकारी और निजी विद्यालय सामान्य पढ़ाई के लिए खुल गए। पहले दिन कई तरह के नजारे दिखे। चेहरे पर मुस्कान लिए बच्चे स्कूल में अपने संगी-साथियों के साथ गपशप करते देखे गए। कहीं पर्याप्त दूरी, तो कहीं शारीरिक दूरी को भुलाकर बेफिक्र माहौल दिखा। यह अलग बात है कि बच्चों की संख्या पहले जैसी नहीं थी, लेकिन उत्साह पहले वाला ही बच्चों में साफ दिख रहा था। सरकारी स्कूलों के सापेक्ष निजी विद्यालयों में बच्चों संख्या काफी कम दिखी।

दरअसल, शिक्षा से ज्यादा बच्चों की सुरक्षा की चिता रखने वाले अभिभावक फिलहाल बच्चों को विद्यालय भेजने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। एक साल तक घरों में कैद सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं में जिज्ञासा देखने को मिली। स्कूलों में सबसे पहले बच्चों को गेट पर ही रोका गया। थर्मल स्कैनिग व हैंड सैनिटाइजेशन के बाद बच्चों को प्रवेश मिला। कोरोना सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखकर बच्चों को कक्षाओं में दूर-दूर बैठाया गया। निजी स्कूलों में दिखे इक्का-दुक्का छात्र

सेक्टर-30 स्थित डीपीएस में अभिभावकों की सहमति न होने से स्कूल संचालन शुरू नहीं हुआ है। माडर्न स्कूल, डीएवी, यदु पब्लिक स्कूल, राघव इंटरनेशनल आदि स्कूलों की कक्षाओं में इक्का-दुक्का छात्र ही दिखे। एक निजी स्कूल की शिक्षिका अनिता ने बताया कि स्कूलों के बाहर सैनिटाइजेशन के पर्याप्त इंतजाम हैं। कक्षाओं में बच्चों को उचित शारीरिक दूरी के नियम के साथ बैठाया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से भी बच्चों पर निगरानी रखी गई। साथ ही स्कूलों में मेडिकल रूम की भी व्यवस्था है। हालांकि पहले दिन केवल 5 छात्र ही स्कूल पहुंचे।

पहले सैनिटाइजेशन व सफाई, फिर पढ़ाई

सेक्टर-12 स्थित आदर्श प्राइमरी स्कूल में विशेष तैयारी दिखी। पहले स्कूल का सैनिटाइजेशन व सफाई की गई। स्कूल आने वाले बच्चों का भी सैनिटाइजेशन किया गया। इसके बाद स्वागत व पठन-पाठन की प्रक्रिया शुरू हुई। उधर, छलेरा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में बच्चों ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुए पढ़ाई की। प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में विद्यालय का नया लुक देखकर बच्चे गदगद दिखे। यहां एक डेस्क पर एक बच्चे को ही बैठाया गया था, ताकि दो गज की दूरी का मानक बरकरार रहे। कई सरकारी स्कूलों में बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए रोस्टर बनाया गया है। सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा एक और पांच, मंगलवार और शुक्रवार को कक्षा दो और चार व शनिवार को कक्षा तीन के विद्यालयों को बुलाया जाएगा।

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