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लेखाधिकारी व प्रवर्तन अधिकारी से 10 घंटे की सीबीआइ ने पूछताछ, दस्तावेज खंगाले

लेखाधिकारी व प्रवर्तन अधिकारी से 10 घंटे की सीबीआइ ने पूछताछ, दस्तावेज खंगाले
Publish Date:Fri, 14 Aug 2020 06:58 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, नोएडा : भ्रष्टाचार के खिलाफ सेक्टर-24 स्थित भविष्य निधि कार्यालय में सीबीआइ की छापेमारी व दो अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। रिश्वतखोरी का जाल बुनने वाले अन्य अधिकारी भी अब अपनी-अपनी गर्दन बचाने के लिए दस्तावेजों को पूरा करने और छुपाने में लग गए हैं। बृहस्पतिवार देर रात 10 घंटे तक पूछताछ कर सीबीआइ टीम ने आरोपितों से जरूरी दस्तावेज भी जुटाए।

कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय (ईपीएफओ) में लेखाधिकारी नरेंद्र कुमार व प्रवर्तन अधिकारी ब्रजेश रंजन को सीबीआइ ने छापेमारी कर आठ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर पकड़ा है। आरोपितों को मोबाइल ट्रेकिग के जरिये पकड़ा गया। बताया गया कि बृहस्पतिवार शाम 4 बजे तीन गाड़ियों में सीबीआइ के करीब 10 अफसरों ने भविष्य निधि कार्यालय पहुंचते ही दोषी अधिकारियों को धर दबोचा और उनके पास से रिश्वत की रकम बरामद की। इसके बाद दोनों अफसरों को एक कमरे में बंद कर लिया गया। आरोपितों से रात दो बजे तक पूछताछ जारी रही। टीम ने उनकी निशानदेही पर कई अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। सीबीआइ टीम ने भविष्य निधि आयुक्त से बातचीत करके दोनों आरोपितों को गाजियाबाद ले गई। सीबीआइ की टीम ने बृहस्पतिवार शाम छापेमारी कर दो अफसरों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर रिश्वत लेने का आरोप है। टीम ने दोनों अफसरों से करीब 10 घंटे बंद कमरे में पूछताछ कर अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।

नरेंद्र कुमार, आयुक्त, भविष्य निधि

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