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प्रतिदिन चार हजार का लक्ष्य, पहले दिन 3638 की हो पाई जांच

जागरण संवाददाता, नोएडा : जिले में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को अभियान के पहले दिन 1532 टीमों ने जिलेभर में 3638 संदिग्धों के नमूने लिए गए, इनमें ट्रू-नेट व एंटीजन किट से हुई जांच में 54 संदिग्ध कोरोना पॉजिटिव मिले। हालांकि, आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट में तीन दिन का समय लग सकता है। वहीं स्वास्थ्य विभाग पहले ही दिन लक्ष्य पूरा करने में नाकाम साबित हुआ।

गौतमबुद्ध नगर में कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। सैंपलिग की दर बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो से 12 जुलाई तक विशेष अभियान की शुरुआत की है। अभियान को सफल बनाने के लिए 1532 टीमें बनाकर मैदान में उतारा गया है। टीमें जिले के 301 कंटेनमेंट जोन में पहुंचकर घर-घर सर्वे कर कोरोना रोगियों की खोज करेंगी। वहीं जिला अस्पताल समेत सात सरकारी जांच केंद्रों पर 40 टीमें अलग से कोरोना जांच में लगाई गई है। इनमें सीएचसी भंगेल, दादरी, बादलपुर व पीएचसी बिसरख, दनकौर, जेवर शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को पहले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ट्रू-नेट से 10, आरटी-पीसीआर से 1591 व एंटीजन किट से 2037 संदिग्धों के नमूने लिए। नमूनों की कुल संख्या 3638 रही। इनमें 54 संदिग्धों कोरोना संक्रमित मिले, जिन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को प्रतिदिन 4000 जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। विभागीय टीमें पहले ही दिन लक्ष्य प्राप्त करने में नाकाम रही। सूत्रों के मुताबिक कई जांच केंद्रों पर विभागीय कर्मचारी पकड़-पकड़ भी लोगों को जांच कराने के लिए लेकर आए। आरटी-पीसीआर जांच को लैब भेजे सैंपल

जिले में आरटी-पीसीआर जांच के लिए तीन सरकारी लैब है। इनमें सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआइ, ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स और सेक्टर-62 स्थित एनआइबी शामिल है। तीनों लैब की प्रतिदिन कोरोना जांच की क्षमता 900 है।

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