मीट विक्रेता के साथ मारपीट का वीडियो वायरल

जेएनएन मुजफ्फरनगर। एक मीट विक्रेता के साथ मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो

JagranSun, 16 May 2021 11:39 PM (IST)
मीट विक्रेता के साथ मारपीट का वीडियो वायरल

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। एक मीट विक्रेता के साथ मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उनके साथ आधा दर्जन लोगों के द्वारा मारपीट की जा रही है। पीड़ित भाकियू तोमर का पदाधिकारी व किसान नेता भी है। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

भोपा थाना क्षेत्र के गांव सीकरी निवासी हाजी शान मोहम्मद भाकियू तोमर संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। रविवार को उनका इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उनके साथ आधा दर्जन लोगों के द्वारा मारपीट की जा रही है। बड़ी मुश्किल से उनसे छूटकर भागते दिखाई दे रहे है। पीड़ित का कहना है कि गांव में ही उनकी मीट बेचने की लाइसेंस की दुकान है। गांव के दबंग लोगों ने उनके साथ अकारण ही मारपीट की है। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से आरोपितों के खिलाफ से कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले भी सीकरी गांव में के द्वारा विद्युत लाइन मेन के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें आधा दर्जन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो पाया था लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नही हो सकी है।

लाकडाउन में सुधर रहा प्रदूषण, सुहानी हो गई आबोहवा

जेएनएन, मुजफ्फरनगर : लाकडाउन से जहां कामकाज बंद होने से लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होने की चिता हर किसी को है। वहीं प्रदूषण का ग्राफ उम्मीद से नीचे तक आने से सुधर रही आबोहवा राहत की सांस भी देती है। सामान्य दिनों में बहुत अधिक खराब स्थिति में पहुंचा प्रदूषण का ग्राफ इन दिनों काफी नीचे गिर आया है, जो अब संतुलित स्थिति में आकर स्वस्थ्य के लिए लाभकारी माना जाने लगा है। प्रदूषण का ग्राफ गिरने से मौसम में भी परिवर्तण देखने को मिला है, जो शाम होते ही ठंडी हवा का अहसास कराता है।

एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर में औद्योगिक इकाईयों और वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण आबोहवा को जहरीला बना चुका था। जनपद में एक समय ऐसा भी आ गया था, जहां प्रदूषण का ग्राफ बहुत खराब स्थिति में पहुंचा गया था। यहीं कारण है कि दीपावली पर पटाखों की आतिशबाजी से पहले ही क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कई औद्योगिक इकाईयों पर कार्रवाई कर मोटा जुर्माना लगा पड़ा, लेकिन गत वर्ष लाकडाउन में हालत सुधरे दिखाई दिए थे, जो फिर से दीपावली पर खराब हो गए थे। शहरी क्षेत्र के नई मंडी और तहसील पर प्रदूषण जांच के लिए लगी मशीनों में दर्ज किया गया एयर क्वालीटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 तक पहुंच गया था, जो हवा में प्रदूषण के कण बढ़ने पर स्वास्थ्य की समस्या पैदा करने के संकेत देकर चिता बढ़ाता है। अप्रैल में लाकडाउन लगने के बाद वाहनों की आवाजाही और औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाला धुंआ कम होने पर जनपद को राहत मिलनी शुरू हो गई है। मई महीने में एक्यूआई 98 तक पहुंच गया था, जो संतुष्ट वाली श्रेणी को दर्शाता है, हालाकि कि 98 केवल शुक्रवार यानी ईद के दिन दर्ज हुआ है। इसके अलावा 100 से 150 के बीच हिलोरे ले रहा है, जो संतुलित श्रेणी में रूकने पर संतुष्ट करता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि मई में प्रदूषण का ग्राफ काफी घटा है, जिसका कारण लाकडाउन है।

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प्रदूषण घटने से हवा हुई बेहतर

लाकडाउन में प्रदूषण घटने से हवा में प्रदूषण के कणों की मिलावट बहुत कम हो गई है। उधर इस वक्त शाम के समय मौसम सुहाना होने के साथ हवा भी ठंडी हो रही है। चिकित्सकों की माने तो इस समय सुबह और शाम को हवा लेने से भी लोगों को अधिक लाभ मिल रहा है, लेकिन कोरोना के कारण भीड़ वाले स्थान पर मास्क हटाकर हवा को महसूस करने की गतली न करें। तभी हवा का आंनद ले, जब मनुष्य बिलकुल अकेला हो, जहां मास्क हटाकर आधे घंटे तक हवा ले सके।

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