मृतक शिक्षक कोविड कंट्रोल से पूछ रहे कोरोना मरीजों का हाल

पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों से भी जिला प्रशासन कोविड कंट्रोल रूम से कोरोना मरीजों का हाल पुछवा रहा है। जिन शिक्षकों की कोरोना से मौत हो चुकी है कागजों में उनकी भी ड्यूटी लगाकर कोरोना आपदा नियंत्रण की औपचारिकता निभाई जा रही है।

JagranSat, 12 Jun 2021 11:31 PM (IST)
मृतक शिक्षक कोविड कंट्रोल से पूछ रहे कोरोना मरीजों का हाल

जेएनएन, मुजफ्फरनगर, तरुण पाल।

पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों से भी जिला प्रशासन कोविड कंट्रोल रूम से कोरोना मरीजों का हाल पुछवा रहा है। जिन शिक्षकों की कोरोना से मौत हो चुकी है, कागजों में उनकी भी ड्यूटी लगाकर कोरोना आपदा नियंत्रण की औपचारिकता निभाई जा रही है।

पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद काफी शिक्षक कोरोना संक्रमित हुए थे। खतौली ब्लाक के खानजहांपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में तैनात रहे सहायक शिक्षक नंदकिशोर भी कोरोना पीड़ित हुए थे, जो मेरठ और मुजफ्फरनगर के एसडीएस अस्पताल में भर्ती रहे। 23 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बालेंद्र कुमार ने जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी दी थी। इसके बाद भी उनका नाम कोविड ड्यूटी में प्रयोग किया जा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व के आदेश पर 10 से 24 जून तक दोपहर दो से रात्रि 10 बजे तक उनकी ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूप में दर्ज की गई है। तीन दिनों से मृतक शिक्षक नंदकिशोर कागजों में कोविड कंट्रोल रूप में ड्यूटी कर रहे हैं, जो प्रशासन की लापरवाही की पोल खोलता है। चुनाव मतगणना में भी कई मृतक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के मामले पहले भी उछले थे। स्वजन के पास पहुंच रहे फोन

नंदकिशोर की पत्नी अलका रानी का कहना है कि उनके मृतक पति को कोविड कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर बुलाने के लिए कुछ दिन पहले उनके नंबर पर फोन आया था। पंचायत चुनाव मतगणना ड्यूटी पर बुलाने के लिए भी कई बार फोन आया था

इनका कहना है..

विभागीय शिक्षकों की सूची पहले ही प्रशासन को दी हुई है। उसी सूची से ड्यूटी कोविड के लिए लगाई जा रही है। यदि अपडेट सूची मांगी जाती तो हम गलती नहीं होने देते।

-मायाराम, बीएसए

रोस्टर के हिसाब से ही शिक्षकों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में लगाई जा रही है। मृतक शिक्षक की ड्यूटी लगाने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो हम पूर्ण जानकारी लेकर शिक्षक का नाम सूची से हटवा देंगे।

- आलोक कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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