शताब्दी पुरानी लाइब्रेरी नपा प्रशासन की निगाहें

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। नगर पालिका की 19 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड बैठक में यूं तो 57 प्रस्तावों पर मंथन होगा, लेकिन इनमें एक पीस लाइब्रेरी का प्रस्ताव भी शामिल है। लाइब्रेरी लीज पर चल रही है, जिसे पालिका अब निरस्त करने के मूड में है। पालिका प्रस्ताव में साफ किया कि लाइब्रेरी का भवन सौ साल पुराना है, जिसमें वर्षों से किताबें बंद पड़ी हैं। जर्जर भवन के गिरने की आशंका जताई गई है। बैठक में इसी प्रस्ताव पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

बोर्ड बैठक को लेकर चेयरपर्सन और विपक्षी सभासदों में खींचतान चल रही है। बैठक के हंगामेदार होने के आसार बन गए हैं। प्रस्ताव संख्या-202 पर पीस लाइब्रेरी को रखा गया है। यह प्रस्ताव खास इसलिए है कि यहां पालिका प्रशासन बहुमंजिला इमारत खड़ी करना चाहता है। इसके चलते लाइब्रेरी से जुड़ी पत्रावलियां खंगाली गईं। पालिका में 13 फरवरी 1941 में पालिका बोर्ड और पीस लाइब्रेरी एसोसिएशन के बीच 5104 वर्ग फीट भूमि एक रुपये प्रतिवर्ष की दर लीज की गई थी। लीज डीड के तहत भूमि पर मालिकाना पालिका का है। नवनिर्माण कराने के लिए पालिका लीज खत्म करना चाह रही है, इसके लिए लाइब्रेरी के सचिव 28 मई को एसोसिएशन से भूमि खाली कराने का नोटिस दिया गया। पालिका प्रशासन के अनुसार लाइब्रेरी का भवन करीब 100 साल पुराना है। यहां रखी गई किताबें भी खराब हो चुकी हैं। भवन जीर्ण-शीर्ण होने की हालत में गिर सकता है। ऐसे में बोर्ड बैठक में मुद्दे को रखकर लीज खत्म करने का खाका बनाया गया है। इसी प्रस्ताव पर सबकी निगाह लगी है।

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वर्जन.

पीस लाइब्रेरी के स्थान पर पालिका कांप्लेक्स बनाना चाहती है। पीस लाइब्रेरी एसोसिएशन के सचिव को नोटिस गया था। अब मामला बोर्ड बैठक में रखा गया है।

-अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन, नगर पालिका।

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