जान पर भारी पड़ रही नियमों की अनदेखी

जान पर भारी पड़ रही नियमों की अनदेखी

यातायात नियमों की अनदेखी जानलेवा सबित हो रही है। यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना जनपद के बाशिदों का शगल बन चुका है। यातायात पुलिस ने शहर से देहात तक लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया लेकिन नतीजा सिफर है। लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं है। यहां कहीं नाबालिगों के हाथ में तेज रफ्तार वाहनों का स्टेयरिग है तो कहीं हाईवे और संपर्क मार्गो के किनारे खड़े वाहन जानलेवा साबित हो रहे हैं।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 06:30 PM (IST) Author: Jagran

जेएनएन मुजफ्फरनगर। यातायात नियमों की अनदेखी जानलेवा सबित हो रही है। यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना जनपद के बाशिदों का शगल बन चुका है। यातायात पुलिस ने शहर से देहात तक लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया, लेकिन नतीजा सिफर है। लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं है। यहां कहीं नाबालिगों के हाथ में तेज रफ्तार वाहनों का स्टेयरिग है तो कहीं हाईवे और संपर्क मार्गो के किनारे खड़े वाहन जानलेवा साबित हो रहे हैं।

जनपद के लोग यातायात नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यातायात माह नवंबर के तहत जागरूकता अभियान का भी लोगों पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। आलम यह है कि शहर से लेकर देहात तक नाबालिग वाहनों को दौड़ा रहे हैं, लेकिन इन्हें कोई देखने वाला नहीं है। यातायात पुलिस भी चालान की रस्मी कार्रवाई कर इतिश्री कर लेती है। इसके अलावा जनपद के हाईवे और संपर्क मार्गो के किनारे खड़े वाहन भी जानलेवा साबित हो रहे हैं। कोहरे में सड़क किनारे खड़े वाहन दिख नहीं पाते जिस कारण तेज रफ्तार से आने वाले वाहन उनमें पीछे से घुसकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इसके अलावा शहर में पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर खड़े होने वाले वाहन भी हादसों का सबब बन रहे हैं।

नशा और रफ्तार बन रहे जानलेवा

जनपद में नशे और रफ्तार का तालमेल लोगों की जान लील रहा है। शाम के समय होने वाले ज्यादातर हादसों में वाहन चालक नशे में पाए जाते हैं। नशे में वाहन की तेज रफ्तार मौजूदा साल में तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की जान लील चुकी है। यातायात पुलिस और संबंधित थाना पुलिस ब्रेथ एनालाइजर से लैस तो है, लेकिन यदा-कदा ही इसका प्रयोग किया जाता है। मात्र त्योहारों या नए वर्ष पर ही पुलिस को ब्रेथ एनालाइजर से चैकिग करने की याद आती है।

हाईवे पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन बन रहे हादसों का सबब

हाईवे पर गन्ने, रेत और लकड़ी से भरे वाहन फर्राटा भर रहे हैं। पुलिस की साठगांठ के चलते हाईवे पर ओवरलोड वाहन धडल्ले से दौड़ रहे हैं। सर्दियों के समय में गन्ना क्रय केंद्रों से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली से गन्ना शुगर मिल को जाता है। गन्ने से लदे यह वाहन ओवरलोड होते हैं। इसके अलावा जनपद से यमुनानगर लकड़ी लेकर जा रहे वाहन भी ओवरलोड होते हैं। इतना ही नहीं इन वाहनों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगा होता। सर्दियों में कोहरे के कारण यह वाहन हादसों का सबब बनते हैं।

सड़क के गड्ढे भी लील रहे जान

जनपद के ज्यादातर संपर्क मार्ग जर्जर हालत में है। पानीपत-खटीमा राजमार्ग की हालत तो बद से बदतर है। पीनना से आगे बनत तक शामली रोड पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इसके अलावा जानसठ बाइपास से जानसठ तक सड़क खस्ता हालत में है। गड्ढों को बचाने के चक्कर में कई बार हादसे हो चुके हैं जिनमें लोग अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। इसके अलावा हाईवे और संपर्क मार्गों पर निर्माण कार्य चले रहते हैं जो रात में हादसों का सबब बनते हैं।

इन्होंने कहा..

लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाईवे व संपर्क मार्गों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

वीर अभिमन्यु, यातायात प्रभारी

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