बेसहारा गोवंशी के दर्द की दवा हैं जैसमीन

बेसहारा गोवंशी के संवर्धन व सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों व कस्बों में गोशालाएं बनवाई हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में गोवंशी भूखे-प्यासे सड़कों पर घूम रहे हैं। शहरी क्षेत्र में लगातार संख्या बढ़ रही है। ऐसे गोवंशी के लिए प्रेमपुरी निवासी जैसमीन मलिक अपने भाई अभिनव के साथ चारे की व्यवस्था करती हैं। इस मुहिम से पांच सदस्य और जुड़ गए हैं। जैसमीन एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट हैं और हर माह पांच हजार रुपये का चारा व आहार इन पशुओं के लिए खरीदती हैं। अन्य सदस्य भी 500 से दो हजार रुपये प्रति माह इस पुण्य कार्य के लिए देते हैं।

JagranWed, 24 Nov 2021 11:44 PM (IST)
बेसहारा गोवंशी के दर्द की दवा हैं जैसमीन

मुजफ्फरनगर, संजीव तोमर।

बेसहारा गोवंशी के संवर्धन व सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों व कस्बों में गोशालाएं बनवाई हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में गोवंशी भूखे-प्यासे सड़कों पर घूम रहे हैं। शहरी क्षेत्र में लगातार संख्या बढ़ रही है। ऐसे गोवंशी के लिए प्रेमपुरी निवासी जैसमीन मलिक अपने भाई अभिनव के साथ चारे की व्यवस्था करती हैं। इस मुहिम से पांच सदस्य और जुड़ गए हैं। जैसमीन एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट हैं और हर माह पांच हजार रुपये का चारा व आहार इन पशुओं के लिए खरीदती हैं। अन्य सदस्य भी 500 से दो हजार रुपये प्रति माह इस पुण्य कार्य के लिए देते हैं।

हर साल बेसहारा गोवंशी की संख्या बढ़ रही है। खेत-खलिहान से लेकर सड़कों में घूम रहे गोवंशी से नागरिक परेशान हैं। बेसहारा गोवंशी के लिए जो गोशालाएं बनाई गई हैं, उनमें एक हजार से अधिक गोवंशी हैं, लेकिन इससे अधिक बेसहारा हैं। इनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था रामभरोसे हैं। जिले में बड़ी संख्या में नागरिक बेसहारा गोवंशी के प्रति सहानुभूति रखते हैं, लेकिन पालने को तैयार नहीं हैं। इन सब को आइना दिखा रही हैं प्रेमपुरी निवासी जैसमीन। जैसमीन एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट हैं और हर माह पांच हजार रुपये बेसहारा गोवंशी पर खर्च करती हैं। इस कार्य में उसका भाई अभिनव मदद करता है। युवती जैसमीन सुबह आफिस जाने से पहले गोवंशी के लिए चारे और आहार की व्यवस्था करती हैं। जो पशु बीमार हैं, उनके उपचार के लिए चिकित्सकों से संपर्क करने से लेकर दवाओं का इंतजाम करती हैं।

इतना ही नहीं घर पर बेसहारा गोवंशी को रखने की व्यवस्था भी की है। वह बताती हैं कि कई गोवंशी का घर पर रखकर उपचार कराया है। शिव चौक, सर्राफा बाजार, घासमंडी, मेरठ रोड, रुड़की रोड आदि स्थानों पर घूमने वाले गोवंशी के लिए प्रतिदिन आहार का इंतजाम किया जाता है।

गोवंशी की सेवा को बन रही चेन

जैसमीन मलिक से प्रेरित होकर अन्य युवा भी इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। वंशिका कौशिक, इतिशा जैन, कार्तिक चौधरी, निकुंज शर्मा व महेश बाटला ने मिलकर एक ग्रुप बनाया है। ग्रुप के अन्य सदस्य प्रतिमाह 500 से दो हजार रुपये गोवंशी की सेवा के लिए देते हैं।

नंदी की सेवा में जुटे पुलिसकर्मी

शिव चौक पर बीते दिनों वाहन की चपेट में आने से एक गोवंशी का पैर टूट गया था। गोल मार्केट में गोवंशी कई दिन तक पड़ा रहा। जैसमीन ने चारे की व्यवस्था करने के साथ ही पशु चिकित्सक से प्लास्टर कराया। इस गोवंशी का नाम नंदी रखा है। इस सेवाभाव को देख शिव चौक पर तैनात पुलिसकर्मी भी नंदी की सेवा करते हैं। रात में सर्दी से बचाव के लिए पुलिसकर्मी बोरी से कवर करते हैं।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.