लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें युवा, निश्चित मिलेगी सफलता : डा. कपिल शर्मा

कोरोना ने देश में बहुत कुछ बदला है। छात्र-छात्राएं घर बैठकर आनलाइन शिक्षा और परीक्षा के अभ्यस्त हो गए हैं। युवाओं के ऊपर ही देश का भविष्य टिका है। आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच की जरूरत है। सभी छात्र-छात्राओं को कामयाब बनने के लिए लक्ष्य तय करना होगा।

JagranThu, 29 Jul 2021 12:03 AM (IST)
लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें युवा, निश्चित मिलेगी सफलता : डा. कपिल शर्मा

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। कोरोना ने देश में बहुत कुछ बदला है। छात्र-छात्राएं घर बैठकर आनलाइन शिक्षा और परीक्षा के अभ्यस्त हो गए हैं। युवाओं के ऊपर ही देश का भविष्य टिका है। आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच की जरूरत है। सभी छात्र-छात्राओं को कामयाब बनने के लिए लक्ष्य तय करना होगा। इससे निश्चित ही सफलता मिलेगी। दैनिक जागरण के आनलाइन यूथ कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि में रूप में जुड़े राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-दिल्ली के सहायक प्राध्यापक व प्लेसमेंट-ट्रेनिग सेल के प्रमुख पर्यावरणविद् डा. कपिल शर्मा ने ये बातें छात्रों को बताकर उनका मनोबल बढ़ाया। बुधवार को दैनिक जागरण ने 'कोरोना में बदली शिक्षा प्रणाली' विषय पर यूथ कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया। श्रीराम कालेज के दर्जनों छात्रों ने जूम एप पर जुड़कर वक्ताओं से मार्गदर्शन लिया। डा. कपिल शर्मा से बच्चों ने संवाद कर आनलाइन शिक्षा और जिम्मेदारियों के बीच सफलता प्राप्त करने को लेकर सवाल किए, जिसमें उन्होंने छात्रों की जिज्ञासा शांत की। डा. कपिल शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में धीरे-धीरे आनलाइन शिक्षा का अनुभव प्राप्त हुआ, जो भविष्य में बच्चों को स्मार्ट बनाकर कार्य करने की भी गवाही देगा। उन्होंने सफलता का गुरुमंत्र देते हुए कहा कि सभी युवाओं को लक्ष्य तय करना होगा, जिसे प्राप्त करने के रास्ते में ही उनके व्यवहार सहित अन्य कार्यो में परिर्वतन आएगा। युवाओं को सोचने की समझ ऊंची रखनी चाहिए, जिससे उनमें सकारात्मक ऊर्जा भी पैदा होगी। मार्गदर्शन करते हुए बताया कि सफलता के लिए प्यास, सकारात्मक सोच, अथक प्रयास और असीम धैर्य इन चारों पर चलकर देश का युवा आने वाले समय में भारत को मजबूत बनाने में कामयाबी हासिल करेगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह मुजफ्फरनगर के निवासी हैं, उनके के लिए वह हमेशा तैयार रहेंगे।

दैनिक जागरण से बढ़ रहा युवाओं में आत्मविश्वास

श्रीराम कालेज के निदेशक डा. आदित्य गौतम ने कहा कि कोरोना में आनलाइन पढ़ाई चल रही है, जिसकी कभी कल्पना नहीं की गई, लेकिन आनलाइन पढ़ाई से घबराने की जरूरत नहीं है। शिक्षकों से संपर्क बनाकर पढ़ाई जारी रखे। हालाकि की फेस टू फेस पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है। विद्यालय जाने से बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान बढ़ता है। प्राचार्या प्रेरणा मित्तल ने दैनिक जागरण के कार्यक्रम को बेहतर बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से युवाओं में आत्मविश्ववास बढ़ता है। आनलाइन पढ़ाई से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है। सभी शिक्षक और छात्र स्मार्ट बन गए हैं। कोरोना में बदली शिक्षा प्रणाली को सकारात्मक लेकर छात्र आगे बढ़ें। पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष रवि गौतम ने दैनिक जागरण के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन होने से केवल एक कालेज के बच्चों को ही नहीं, बल्कि समाचार-पत्र के माध्यम से अन्य बच्चों को भी वक्ताओं के विचार पढ़कर बदली प्रणाली में पढ़ाई कर आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा।

छात्रों के प्रश्न, एनआइटी प्रोफेसर डा. कपिल शर्मा के जवाब

- परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने गोल पर कैसे फोकस करें?

- विवेक

- किसी छात्र को अपने जीवन में कम मेहनत करने पर सफलता मिल जाती है, तो किसी को ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को समझना जरूरी है। इसके बाद भी जो कार्य कर रहें हैं। वह करते रहें, मगर अपने लक्ष्य को न भूलें। समय निकालकर अपनी मेहनत को दोगुना करें। यही सफलता का मूल मंत्र साबित होगा।

- क्या आइआइटी-दिल्ली और एनआइटी में भी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम होते हैं? अगर होते हैं तो हमें कैसे पता चलेगा?

- अखिलेश वर्मा,

- हां, आइआइटी और एनआइटी में भी सांस्कृतिक और तकनीक संबधित फेस्ट आयोजित होते हैं। कोरोना के कारण सभी कार्यक्रम स्थगित हैं। कोरोना में शिक्षा जगत को बहुत क्षति पहुंची है, लेकिन किसी भी समस्या के सामने घुटने नहीं टेकने चाहिए। रही बात आइआइटी में सांस्कृतिक कार्यक्रम की तो वह जानकारी आप किसी भी माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। ----

- ग्रामीण परिवेश के मध्यमवर्गीय परिवार से होने के बाद युवा अपने लक्ष्य को पूरा करने के साथ आर्थिक स्थिति कैसे मजबूत बनाए?

- अंश शर्मा

- यह समझने की जरूरत है कि सफलता पाने वाले अधिकतर व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्रों के मध्यमवर्गीय परिवारों से ही हैं। क्योंकि उन्होंने मेहनत और परिश्रम किया है। आप फिलहाल छात्रों को प्रतिदिन एक-दो घंटा ट्यूशन दे सकते हैं। इससे आपके ज्ञान में वृद्धि होगी, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में भी सफल होंगे और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। - कोरोनाकाल में पढ़ाई के हुए नुकसान की आगे भरपाई के लिए पढ़ाई में क्या बदलाव करें?

- स्पर्श गोयल

- कोराना काल में जो नुकसान हुआ उसे भूलने का प्रयास करें। फिलहाल कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखकर आनलाइन शिक्षा प्रणाली को अपनाएं। घर पर ही आनलाइन कक्षाएं ग्रहण करें। पिछले नुकसान की भरपाई करने के लिए घर पर ही तैयारी पूर्ण करें। शिक्षकों के संपर्क में रहकर पढ़ाई को संतुलित बनाई जाए।

- आनलाइन शिक्षा के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें?

- जिया त्यागी

- कई ऐसी आनलाइन बेवसाइट्स चल रही हैं, जिससे आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आनलाइन ही आसानी से कर सकते हैं। जैसे यूट्यूब पर भी आप आनलाइन स्ट्रीमिग के माध्यम से आसानी से ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। साथ ही साथ आनलाइन उन प्रचलित वेबसाइट से पढ़ाई करें, जिससे चयनितों ने अच्छी तैयारी की हो।

मुख्य वक्ता का परिचय

नाम : डा. कपिल शर्मा

निवासी : ग्राम बुडीना कलां, जिला - मुजफ्फरनगर

शिक्षा : एमटेक, पीएचडी (पर्यावरण व अभियांत्रिकी) आइआइटी-दिल्ली

वर्तमान में कार्यरत : असिस्टेंट प्रोफेसर व हेड ट्रेनिग एंड प्लेसमेंट सेल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-दिल्ली

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