बाढ़ से निपटने को आठ चौकी, तीन नाव भी तैयार

मानसून ने दस्तक दे दी है। ऐसे में गंगा खादर क्षेत्र में बसे लोगों की धड़कन बढ़ गई है। प्रशासन बाढ़ की रोकथाम की तैयारी में जुटा है। गंगा खादर क्षेत्र में 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। गंगा के किनारे तीन नाव का इंतजाम भी किया गया है। अधिकारियों और ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं।

JagranSat, 19 Jun 2021 11:46 PM (IST)
बाढ़ से निपटने को आठ चौकी, तीन नाव भी तैयार

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। मानसून ने दस्तक दे दी है। ऐसे में गंगा खादर क्षेत्र में बसे लोगों की धड़कन बढ़ गई है। प्रशासन बाढ़ की रोकथाम की तैयारी में जुटा है। गंगा खादर क्षेत्र में 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। गंगा के किनारे तीन नाव का इंतजाम भी किया गया है। अधिकारियों और ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं।

बदइंतजामी के चलते हर साल गंगा खादर क्षेत्र में लोगों के घरों में पानी भर जाता है। कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। उत्तराखंड से भी पानी आ रहा है, जिससे गंगा में जलस्तर बढ़ गया है। इससे गंगा क्षेत्र में बसे ग्रामीण परेशान हो उठे हैं। दरअसल, प्रतिवर्ष पुरकाजी, मोरना, शुकतीर्थ और रामराज क्षेत्र के गांवों में लोगों को बाढ़ के पानी को झेलना पड़ता है। उनके घरों में पानी भर जाता है। इतना ही नहीं पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या गहरा जाती है।

जिले में बाढ़ का असर मोरना खादर क्षेत्र में सर्वाधिक रहता है। गंगा में उफान के चलते एक माह से अधिक समय तक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। सर्वाधिक परेशानी उत्तराखंड से आए पानी से होती है। पानी में जहरीले जीवों के साथ जलीय जीव भी बहकर आ जाते हैं। बाढ़ से सोनाली नदी, बाण गंगा और गंगा बैराज का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाता है।

ये गांव होते हैं बाढ़ से प्रभावित

मोरना क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तौफीर, महाराजनगर, सिताबपुरी, बिहारगढ़, शुक्रताल, पुरकाजी क्षेत्र के गांव शेरनगर, अमलावाला, चमलावाला, रामराज क्षेत्र के गांव हंसावाला, अहमदवाला, रूहापुर, लालपुर, रहड़वा, नया गांव, हुसैनपुर आदि।

बाढ़ चौकियां बनाने की तैयारी में जुटा प्रशासन

जिले के नया गांव, देवल, अहमदवाला, शेरनगर समेत आठ गांवों के समीप बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि कई गांवों में जल्द ही तैयार की जानी हैं। वहीं, गंगा बैराज से मेरठ की ओर 17 किमी लंबे बांध को दुरस्त करने का कार्य किया गया है। बीते वर्ष यह बांध जगह-जगह से टूट गया था। इनका कहना है..

बाढ़ नियंत्रण को लेकर विभाग अलर्ट है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकी स्थापित और गंगा बैराज पर बांध की मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश सिचाई विभाग को दिए गए हैं। बाढ़ चौकियों पर नाव का इंतजाम किए जा रहा है।

- आलोक कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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