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चिकित्सक लिख रहे दवाएं.. जन औषधि केंद्रों का इन्कार

चिकित्सक लिख रहे दवाएं.. जन औषधि केंद्रों का इन्कार

आक्सीजन के बाद अब दवाओं की किल्लत भी परेशान करने वाली है। जिले में बने जन औषधि केंद्रों पर दवाओं का टोटा बना है। खांसी-बुखार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। चिकित्सक जिन दवाओं को लिख रहे हैं उन्हें देने में औषधि केंद्र असमर्थ हैं। इससे लोगों की जेब पर अधिक भार बढ़ गया है। एलोपैथिक दवाइयों की कालाबाजारी हो रही है जिससे स्थिति अधिक बेकाबू है।

JagranMon, 10 May 2021 11:41 PM (IST)

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। आक्सीजन के बाद अब दवाओं की किल्लत भी परेशान करने वाली है। जिले में बने जन औषधि केंद्रों पर दवाओं का टोटा बना है। खांसी-बुखार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। चिकित्सक जिन दवाओं को लिख रहे हैं, उन्हें देने में औषधि केंद्र असमर्थ हैं। इससे लोगों की जेब पर अधिक भार बढ़ गया है। एलोपैथिक दवाइयों की कालाबाजारी हो रही है, जिससे स्थिति अधिक बेकाबू है।

कोविड-19 के खौफ के कारण बुखार के मरीजों को एंटीबायोटिक के साथ अन्य दवाएं दी जा रही हैं। निजी चिकित्सक बुखार के लक्षण मिलते ही तीमारदारों को सावधानी का संदेश देने के साथ दवाइयों की किट थमा रहे हैं। अधिकतर चिकित्सक मेडिकल स्टोर के लिए दवाएं लिख रहे हैं। तीमारदार और जनमानस पर आर्थिक बोझ कम पड़े, इसके लिए शासन ने सस्ती दवाओं की भी व्यवस्था की है। जन औषधि केंद्र खोलकर दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं। जिले में जन औषधि केंद्रों की संख्या 13 है। इनमें पांच से अधिक अकेले शहर में हैं, बाकी देहात में खुले हैं। मामूली बुखार में इस्तेमाल होने वाली पैरासीटामाल, डाक्सीरिल कैप्सूल के साथ विटामिन-सी टैबलेट औषधि केंद्रों पर उपलब्ध नहीं है। केंद्र संचालक लगातार शासन-प्रशासन से संपर्क साध रहे हैं, लेकिन दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। उपलब्ध नहीं एन-95 मास्क

कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क जरूरी है। चिकित्सकों की सलाह है कि एन-95 मास्क काफी बेहतर है। जन औषधि केंद्रों पर यह मास्क मात्र 25 रुपये का है, लेकिन विडंबना यह है कि इसकी भी आपूर्ति बेहद कम है, जिसके चलते लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, ब्लाक में इस मास्क को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। इनका कहना है..

स्वास्थ्य विभाग को रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति की गई है, जिससे लोगों को राहत मिल सके। वहीं, दवाओं की कालाबाजारी की रोकथाम के लिए औषधि विभाग निगरानी कर रहा है। जन औषधि केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

- लवकुश प्रसाद, औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरनगर।

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