उपचार के बाद बस से लौटने को विवश हैं कोरोना मरीज

उपचार के बाद बस से लौटने को विवश हैं कोरोना मरीज

कोरोना संक्रमण के उपचार के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर 10 दिन तक एकांतवास में रहने के निर्देश हैं। इसके बावजूद स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए कोविड-19 मरीज बसों में बैठकर घर जाने के लिए मजबूर हैं।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 11:17 PM (IST) Author: Jagran

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण के उपचार के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर 10 दिन तक एकांतवास में रहने के निर्देश हैं। इसके बावजूद स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए कोविड-19 मरीज बसों में बैठकर घर जाने के लिए मजबूर हैं।

मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज होने के बाद समाजसेवी शाहिद लुहारी को बस में बैठकर ही अपने गांव जाना पड़ा। इन हालात में साथ बैठकर जाने वाले यात्रियों के भी संक्रमित होने की आशंका पैदा हो रही है।

कोरोना पाजिटिव पाए जाने पर मरीजों को उपचार के लिए बेगराजपुर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज भेजा जाता है। स्वस्थ होने पर मरीज को मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज किया जाता है। स्वस्थ होकर घर जाने वाले मरीजों के लिए निर्देश हैं कि वे अगले 10 दिन तक एकांतवास में रहें ताकि किसी भी स्थिति में उनसे अन्य कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित न हो। बावजूद इसके डिस्चार्ज होने वाले जिन मरीजों के पास घरों तक जाने के लिए अपनी कोई व्यवस्था नहीं हैं, उन्हें बस या किसी अन्य साधन से लौटना पड़ रहा है। जनपद के गांव लुहारी निवासी शाहिद हुसैन पांच जनवरी को कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। उन्हें सात जनवरी को मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। 15 जनवरी को रिपोर्ट निगेटिव आने पर शाहिद को डिस्चार्ज कर दिया गया। गांव तक पहुंचने के लिए कोई निजी साधन न होने के चलते शाहिद ने सरकारी वाहन की मांग की, लेकिन उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। शाहिद को मजबूरन बस में अन्य यात्रियों के साथ ही बैठकर चरथावल तक जाना पड़ा। निगेटिव आने के पांच दिन बाद फिर आया पाजिटिव

कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी मरीज की पूरी तरह स्वस्थ होने की कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में निगेटिव आने के बाद यदि कोई भी मरीज किसी अन्य के संपर्क में आता है तो उसके भी संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है। गांव कूकड़ा हरिपुरम निवासी सतीश पुत्र स्व. रामकिशन कोरोना पाजिटिव आने पर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर पांच दिन के बाद 15 जनवरी को सतीश को फिर से मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। मो. शाहिद ने आनलाइन आरटीआइ लगाकर संबंधित मामले में जवाब मांगा है। जिले के 11 में मिला कोरोना वायरस संक्रमण

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। जिले के 11 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि 21 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर हास्पिटल से डिस्चार्ज हो गए। सीएमओ डा. प्रवीण कुमार चोपड़ा ने बताया कि शनिवार को जिले के 11 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए। बताया कि इनमें तीन मरीज पटेल नगर तथा लाल बाग, आबकारी रोड व अवध विहार से एक-एक व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई। बताया कि 21 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर हास्पिटल से डिस्चार्ज कर दिये गए।

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