भाकियू में उबाल, हाईवे पर चक्का जाम आज

भाकियू में उबाल, हाईवे पर चक्का जाम आज

दिल्ली जा रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों पर वाटर कैनन (पानी की बौछार) से भाकियू में उबाल है। भाकियू ने कृषि अध्यादेश को किसान विरोधी बताते हुए शुक्रवार को प्रदेश भर के हाईवे पर चक्का जाम का एलान किया है। जनपद में नावला कोठी पर भाकियू डेरा डालेगी। भाकियू प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि किसान दिल्ली नहीं जा सकते तो सरकार इस्लामाबाद भेज दे।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:03 PM (IST) Author: Jagran

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। दिल्ली जा रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों पर वाटर कैनन (पानी की बौछार) से भाकियू में उबाल है। भाकियू ने कृषि अध्यादेश को किसान विरोधी बताते हुए शुक्रवार को प्रदेश भर के हाईवे पर चक्का जाम का एलान किया है। जनपद में नावला कोठी पर भाकियू डेरा डालेगी। भाकियू प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि किसान दिल्ली नहीं जा सकते तो सरकार इस्लामाबाद भेज दे।

कृषि अध्यादेश के विरोध में किसानों को पंजाब और हरियाणा बार्डर पर किसानों को रोका गया है। आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया है। इससे भाकियू में आक्रोश है। बुधवार को सरकुलर रोड स्थित आवास पर टिकैत आवास पर भाकियू की बैठक हुई। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों का दुर्भाग्य है कि आजाद देश में किसान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध करने नहीं जा सकता। जिस तरह से सर्दी में किसानों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया है, वह निदनीय व दुखदायी है। किसान अपना हक कानून के रूप में मांग रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य रहेगा। यदि ऐसा है तो कानून क्यों नहीं बनाते? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि नोटबंदी से क्या कालाधन समाप्त हुआ या 15 करोड़ रुपये किसी को मिले? देश के अन्नदाता को यदि कृषि अध्यादेश मंजूर नहीं तो सरकार क्यों अड़ी है? उनकी मांग है कि इसे वापस लेकर किसानहित में समर्थन मूल्य को कानून बनाए।

चौ. टिकैत ने कहा कि भाकियू उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्गो पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगी। इस बार किसान आर-पार किए बगैर वापस घर पर नहीं जाएंगे। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यो में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद किए जाएंगे। भाकियू प्रवक्ता धर्मेद्र मलिक ने बताया कि जनपद में मंसूरपुर में स्थित नावला कोठी पर केंद्र बिदु रहेगा। पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दे दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आपातकालीन सेवाओं के लिए शासन-प्रशासन इंतजाम खुद कर ले। इस दौरान सतीश भारद्वाज, संजीव भारद्वाज, सहंसरपाल सिंह, कुलवीर सिंह, सतेंद्र प्रधान मौजूद रहे।

प्रशासन रणनीति में जुटा

भाकियू की चेतावनी के बाद पुलिस-प्रशासन ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत से फोन पर वार्ता की। भाकियू ने कदम पीछे खींचने से इन्कार किया है।

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