छह साल में 149 की जान ले चुका एड्स

छह साल में 149 की जान ले चुका एड्स

वर्तमान में लोग भले ही कोरोना वायरस से घबराए हुए हों लेकिन वर्षो से एड्स की दशहत लोगों के दिमाग में रही है। छह साल के दौरान एड्स जिले के 149 लोगों को मौत की नींद सुला चुका है। जिला अस्पताल के एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट) सेंटर पर इस समय 1842 एचआइवी पाजिटिव उपचार करा रहे हैं।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 10:04 PM (IST) Author: Jagran

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। वर्तमान में लोग भले ही कोरोना वायरस से घबराए हुए हों, लेकिन वर्षो से एड्स की दशहत लोगों के दिमाग में रही है। छह साल के दौरान एड्स जिले के 149 लोगों को मौत की नींद सुला चुका है। जिला अस्पताल के एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट) सेंटर पर इस समय 1842 एचआइवी पाजिटिव उपचार करा रहे हैं।

असुरक्षित यौन संबंध तथा दूसरे कारणों के चलते एचआइवी एड्स लोगों को अपनी चपेट में लेता रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को इसके प्रति आगाह करते हुए बचाव के रास्ते भी सुझा रहा है। इसके बावजूद लापरवाही या अनजाने कारणों के चलते लोगों में एचआइवी का संक्रमण बढ़ता रहा।

छह वर्ष पूर्व हुआ था एआरटी सेंटर का गठन

एचआइवी पाजिटिव मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल में छह वर्ष पूर्व अक्टूबर 2014 में एआरटी सेंटर का गठन किया गया था। सेंटर पर एड्स परामर्श केंद्र पर जांच उपरांत पाजिटिव मिले मरीजों को उपचार के लिए भेजा जाता है। जहां मरीजों का पंजीकरण, परामर्श तथा लीवर, किडनी आदि की नि:शुल्क जांच कर उपचार प्रारंभ किया जाता है। नवंबर में एड्स से हुई चार लोगों की मौत

एआरटी सेंटर पर छह वर्ष के दौरान 2042 एचआइवी पाजिटिव मरीजों का पंजीकरण किया गया। इस दौरान एड्स के चलते 149 लोगों की मौत हो चुकी है। नवंबर माह के दौरान ही चार एचआइवी पाजिटिव लोगों की मौत हुई। वर्तमान में 1861 एचआइवी पाजिटिव मरीजों का उपचार शुरू किया गया, जिनमें से 1842 वर्तमान में उपचाराधीन हैं। इनमें 34 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि करीब 30 बच्चे तथा किन्नर की संख्या 36 है। एचआइवी एड्स के लक्षण

-बुखार होना

-सिरदर्द होना

-त्वचा पर चकत्ते

-गले में खराश

-पेट में दर्द होना एचआइवी एड्स के मुख्य कारण

- असुरक्षित तरीके से यौनिक गतिविधि करना

- एचआइवी पाजिटिव संक्रमित का खून चढ़ना

-सामान्य सुई का इस्तेमाल एक से अधिक बार होना इन्होंने कहा..

जिला अस्पताल में संचालित एआरटी सेंटर पर पंजीकृत 1842 एचआइवी पाजिटिव मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। इस वर्ष कराई गई जांच में 162 लोगों में टीबी के लक्षण भी पाए गए, जिनमें से इस समय 19 उपचाराधीन भी हैं।

- डा. वीके जौहरी, चिकित्साधिकारी

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