मुरादाबाद में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव, शहर की कई कॉलोन‍ियों में बढ़ी लोगों की परेशानी

आषाढ़ के महीने में बारिश न होने से धान की रोपाई पंपिंग सेट से कराई। जिससे किसानों का आर्थिक बोझ भी बढ़ा। कांठ रोड पर अकबर की पुलिया के सामने हर बार की तरह जलभराव नहीं हुआ। यहां पुलिया के पास नाले की सफाई दो दिन पहले हुई थी।

Narendra KumarWed, 28 Jul 2021 01:15 PM (IST)
बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया।

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। बुधवार की सुबह से झमाझम बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। घुटनों तक पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। लेकिन, कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। बुधबाजार में पानी भरने से डिवाइडर पर चढ़कर कर्मचारी, राहगीर गुजरे। बाइक बंद होने से धक्का लगाते हुए मशक्कत करते नजर आए।

बीती रात भी झमाझम बारिश हुई। तड़के कुछ देर रुकने के बाद सुबह नौ बजे से लगातार बारिश हो रही है। बारिश में ही भीगते हुए कामकाजी लोग दफ्तरों को गए। सुबह 11 बजे से बारिश हलकी हुई। बारिश से तापमान और नीचे आ गया है। तापमान 35 डिग्री तक रहा। बारिश से मौसम सुहाना होने के कारण एसी बंद हो गए। पंखे की हवा भी ठंडी लगने लगी। बारिश में राहत मिली तो लोगों को आफत भी झेलनी पड़ी। खुशहालपुर की बैंक कालोनी, रामगंगा विहार के ए ब्लाक में जलभराव हो गया। सोनकपुर स्टेडियम में भी जलभराव होने से खेल गतिविधियां थम गईं। आशियाना, रामगंगा विहार, दीनदयाल नगर, अवंतिका, अंडे बालान, झब्बू का नाला समेत कई जगह जलभराव हो गया। जलभराव के कारण निचले इलाकों में बाजार भी देर से खुला। बारिश से किसानों को राहत मिली। आषाढ़ के महीने में बारिश न होने से धान की रोपाई पंपिंग सेट से कराई। जिससे किसानों का आर्थिक बोझ भी बढ़ा। कांठ रोड पर अकबर की पुलिया के सामने हर बार की तरह जलभराव नहीं हुआ। यहां पुलिया के पास नाले की सफाई दो दिन पहले हुई थी। जिससे जलभराव से राहत मिली। 

डॉ राकेश चक्र को म‍िला सम्‍मान : मुंबई की राष्ट्रीय संस्था मैं भारत हूं संघ की ओर से भारत को भारत ही बोला जाए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुरादाबाद के वरिष्ठ साहित्यकार डा. राकेश चक्र को सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार जैन, महामंत्री शोभा सदानी द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। डाॅ. राकेश चक्र की 80 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। करीब 80 के लगभग बाल साहित्य में गद्य और पद्य की पुस्तकें लिखी हैं। तीन दर्जन के लगभग प्रौढ़ साहित्य की गद्य और पद्य की पुस्तकें और करीब 40 पुस्तकों के साझा संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं।

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