आइसीसीसी से शहर के चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

मुरादाबाद, जेएनएन : इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) के प्रारूप पर पांच विभागों के अफसरों

JagranThu, 17 Jun 2021 01:22 AM (IST)
आइसीसीसी से शहर के चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

मुरादाबाद, जेएनएन : इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) के प्रारूप पर पांच विभागों के अफसरों ने आखिरकार अंतिम मुहर लगा दी। कुल 43 प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण आइसीसीसी प्रोजेक्ट पूरे शहर को जोड़ेगा। विशेष खासियत वाले कैमरे शहर में लगेंगे। जो यातायात नियंत्रण से लेकर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के संचालन व शहर का कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों व घर-घर कूड़ा कलेक्शन से लेकर बच्चे और महिलाओं के साथ हो रहे अपराध को भी नियंत्रित करने में उपयोगी साबित होंगे। यह प्रोजेक्ट दस माह में पूरा होगा।

स्मार्ट सिटी कार्यालय में पुलिस विभाग, नगर निगम, रोडवेज, आरटीओ व स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारी जुटे। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) के अधिकारियों ने प्रोजेक्टर पर आइसीसीसी के प्रारूप को समझाया। आइसीसीसी के दो हिस्से हैं। जिसमें 200 करोड़ रुपये से शहर में लगने वाले उपकरण खरीदकर उन्हें स्थापित करने का काम चलेगा और दो करोड़ रुपये में आइसीसीसी का भवन तैयार किया जा रहा है। शहर में लगने वाले उपकरणों के माध्यम से आइसीसीसी के भवन में लगी बड़ी स्क्रीन से चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी। शहर में मुख्य चौराहों व सड़कों के अलावा छोटी गलियों में भी कैमरे से नजर रखी जाएगी। जिससे अपराध पर नियंत्रण में आसानी होगी।

----- यह उपकरण लगेंगे

रेड लाइट वाइलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी)कैमरा-लालबत्ती तोड़कर जाने वालों को डिटेक्ट करके आइसीसीसी भवन में लगी स्क्रीन को कमांड करेंगे।

आटो नंबर प्लेट रिकग्नाइजेशन (एएनपीआर) कैमरा- देश भर से कहीं से भी चोरी का वाहन या दुघर्टना करके शहर में प्रवेश करने पर पकड़ने में मदद करेगा। जिस शहर में एफआइआर होगी, वह आटो नंबर प्लेट को पढ़कर आइसीसीसी को सूचना देगा।

पोजिशन टिल्ट जूम (पीटीजेड) कैमरा- अगर कैमरे की नजर से बचने के लिए संदिग्ध वाहन इधर-उधर घूम रहा है तो यह कैमरा भी कार के घूमने वाली दिशा में घूमेगा और हर हाल में उसका डाटा पढ़कर आइसीसीसी भवन को सूचना देगा।

इसके अलावा ट्रैफिक लाइट, सर्विलांस सिस्टम व पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस लगेंगे।

----- 18 जून तक तकनीकी परीक्षण और 25 जून तक कार्य आदेश

पहले 18 जून तक आइसीसीसी का टेंडर लेने वाली कंपनी के कागजों का तकनीकी परीक्षण होगा। उसके बाद वित्तीय मूल्यांकन होगा और 25 जून तक कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। कार्य आदेश जारी होने के एक महीने में काम शुरू करना होगा।

------ स्मार्ट सिटी का सबसे महत्वपूर्ण आइसीसीसी का प्रोजेक्ट फाइनल हो गया है। इसके प्रारूप को समझने के लिए स्मार्ट सिटी कार्यालय में पांच विभागों के अफसरों को बुलाकर प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी गई। इससे शहर में अपराध नियंत्रण होने के साथ यातायात की हर समस्या का समाधान आसान होगा।

संजय चौहान, नगर आयुक्त

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