गोशाला का कंपोस्ट खाद बनेगा आत्मनिर्भरता का आधार

गोशाला का कंपोस्ट खाद बनेगा आत्मनिर्भरता का आधार

जिले के छजलैट ब्लॉक के सादिकपुर गांव स्थित वृहद गो-आश्रय केंद्रों पर वर्मी कम्पोस्ट खद बनाई जाएगी।

Publish Date:Fri, 04 Dec 2020 02:21 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद: जिले के छजलैट ब्लॉक के सादिकपुर गांव स्थित वृहद गो-आश्रय केंद्र में वर्मी कंपोस्ट प्लांट में खाद बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें गो-आश्रय केंद्र में रहने वाले पशुओं के गोबर का ही इस्तेमाल होगा। मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि सभी गो-आश्रय केंद्र संचालकों को वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए प्लाट लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। हर ब्लॉक में गो-आश्रय केंद्र स्थापित कराकर उनका अच्छे ढंग से संचालन करना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले कामों में शामिल हैं। गो-आश्रय केंद्रों में रहने वाले पशुओं के लिए अभी बतौर चारा भूसे और पराली की व्यवस्था है लेकिन, हरा चारा पशुओं को नहीं मिल पा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी गो-आश्रय की खाली जमीन पर हरा चारा उगाने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने बताया कि पिछले सप्ताह छजलैट ब्लॉक के सादिकपुर गांव स्थित वृहद गो-आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया था। यहां पशुओं की संख्या भी ठीक है। इसलिए उन्होंने वहां वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए प्लांट बनाने को कहा है। गो-आश्रय केंद्र परिसर में एक तरफ वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए गड्ढा खोदा जा रहा है। इसमें पशुओं के गोबर को इकट्ठा करके केंचुए छोड़ दिए जाएंगे। इसी से गो-आश्रय केंद्र वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार हो जाएगी। इस खाद को आसपास के किसानों में बेचा जा सकेगा। इससे गो-आश्रय केंद्र को आमदनी होगी। मूंढापांडे ब्लाक के नाजरपुर गांव में भी वृहद गो-आश्रय केंद्र है। वहां भी वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने का प्लांट लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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