UP Police : मुरादाबाद में 720 पुलिस कर्मियों पर लग चुके हैं आरोप, थानों से नहीं खत्‍म हो रहा भ्रष्टाचार

पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर बीते चार सालों में कई बड़ी कार्रवाई हुई है। लेकिन इसके बाद भी थानों में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद में लगभग 3500 पुलिस कर्मी सेवारत हैं। जिसमें एक चौथाई पुलिस कर्मियों का दामन दागदार हैं।

Narendra KumarThu, 22 Jul 2021 04:14 PM (IST)
जिले में 720 पुलिस कर्मियों का दामन दागदार।

मुरादागाद [रितेश द्विवेदी]। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर बीते चार सालों में कई बड़ी कार्रवाई हुई है। लेकिन इसके बाद भी थानों में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद में लगभग 3500 पुलिस कर्मी सेवारत हैं। जिसमें एक चौथाई पुलिस कर्मियों का दामन दागदार हैं। बीते एक साल में 720 पुलिस कर्मियों पर अलग-अलग तरह के आरोप लगे हैं। मौजूदा समय में जिले में तैनात हर पांचवें पुलिस कर्मी का दामन दागदार है।

जनपद के 20 थाना क्षेत्रों के साथ ही पुलिस लाइन में साढ़े तीन हजार पुलिस कर्मी कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद सबसे पहले थाना स्तर पर भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात कही थी। कुछ हद तक सफलता मिली, लेकिन अभी भी थानों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। एसएसपी पवन कुमार ने भी कार्यभार संभालने के बाद थानाध्यक्षों को शिष्टाचार का पाठ पढ़ाया था। जनपद में भ्रष्टाचार को लेकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के चलते पुलिस लाइन में पहुंचने वाले सिपाही और दरोगाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। थानों में तैनाती के लिए अब निरीक्षक नहीं मिल पाने के कारण शासन ने बेहतर छवि वाले दरोगाओं को थाने की कमान सौंपने के निर्देश दिए हैं।

दो सौ पुलिस कर्मियों पर मुकदमा न दर्ज करने की शिकायतें : जिले में बीते ढाई सालों में लगभग दो सौ पुलिस कर्मी ऐसे हैं, जिनके द्वारा पीड़ित की फरियाद नहीं सुनी गई। इन फरियादियों के द्वारा विभिन्न माध्यमों से थाने में तैनात निरीक्षक, दारोगा के साथ ही सिपाहियों की शिकायत की गई है। वहीं, कुछ मामलों में रिश्वत मांगते तक के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद इन पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।

75 पुलिस कर्मियों पर पीड़ित से दुर्व्यवहार के आरोप : जनपद के 20 थानों में तैनात 75 ऐसे पुलिस कर्मी हैं, जिन पर बीते दो साल में थाने में पहुंचे फरियादियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप है। पुलिस कर्मियों के अशिष्टता से परेशान होकर पीड़ितों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

उत्तर प्रदेश पुलिस अनुशासित पुलिस है। जब भी कोई अनुशासन तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। कार्यप्रणाली में सुधार के लिए विभागीय स्तर पर लगातार सुधार किया जा रहा है। वहीं, पुलिस कर्मियों को बेहतर पुलिसिंग के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।

अनिल कुमार यादव, एएसपी

 

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