वोट न देने वालों से खुन्‍नस न‍िकाल रहे ग्राम प्रधान, सफाई कर्मचारी से बोले-जहां वोट नहीं म‍िला वहां सफाई मत करो

प्रधान और उसके आका अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं।

चुनाव जीतने वाला सभी का प्रतिनिधि होता है। जिन्होंने वोट नहीं दिए उनका भी हक उतना ही होता है जितना वोट देने वालों का है। लेकिन गांव-गांव पंचायत चुनाव के बाद कुछ गांवों में घटिया सियासत शुरू हो गई है।

Narendra KumarTue, 11 May 2021 01:11 PM (IST)

मुरादाबाद, जेएनएन। चुनाव जीतने वाला सभी का प्रतिनिधि होता है। जिन्होंने वोट नहीं दिए, उनका भी हक उतना ही होता है, जितना वोट देने वालों का है। लेकिन, गांव-गांव पंचायत चुनाव के बाद कुछ गांवों में घटिया सियासत शुरू हो गई है। प्रधान और उसके आका अपनी मनमानी करने पर उतारू हैं। वह वोट नहीं तो काम नहीं कि सियासत करके गांव के लोगों को बांट रहे हैं। इससे गांवों में विवाद की स्थिति बन रही है। एक गांव में तो प्रधान के आका ने वोट नहीं देने वाले के घर के आगे की नाली ही साफ कराने के इन्कार कर दिया। विरोध करने पर वह आंखें दिखाने लगा। मारपीट की नौबत आ गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह दोनों को शांत करके मसला निपटा दिया।

पंचायत चुनाव के बाद गांव-गांव पार्टीबंदी रंग लाने लगी है। कुछ गांव ऐसे हैं जहां सामान्य जाति के लोगों ने आरक्षित वर्ग के लोगों को चुनाव लड़ाया था। वह चुनाव जीतकर प्रधान तो बन गए। लेकिन, अभी उन्हें आता-जाता कुछ नहीं है। इसलिए चुनाव लड़ाने वाले ही खुद को प्रधान मानकर काम कर रहे हैं,  उनके इशारे पर ही गांव के सफाई कर्मचारी काम करने लगे हैं। ऐसे ही एक गांव में आरक्षित वर्ग के युवक को प्रधान बनाने वाले सफाई कर्मचारी को साथ लेकर प्रधानी करने घर से निकले। उन्होंने गांव की नालियां साफ करानी शुरू कर दीं। नाली साफ कराते समय वह एक मकान के आगे जाकर रुक गए। सफाई कर्मचारी से कहने लगे इस घर से वोट नहीं मिला है, नाली की सफाई नहीं होगी। आसपास के लोग यह सुनकर हैरान रह गए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। जिसके घर के आगे की नाली में कूड़ा अटा था। उसने भी इसका विरोध किया। इसे लेकर कहासुनी हो गई। लेकिन, लोगों ने मामला निपटा दिया। यह किसी एक गांव की बात नहीं है। आधे से अधिक ग्राम पंचायतों का यही हाल है। विरोधियों के घर के आगे कोई काम नहीं होता है। शिकायत होने पर ऐसे प्रधानों को जवाब देना मुश्किल होता है। जांच होती है और सलाखों के पीछे तक जाते हैं लेकिन, सुधार फिर भी नहीं हो रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी पूरे गांव की सफाई करने की है। वह किसी के घर के आगे नाली में कूड़ा नहीं छोड़ सकते हैं। शिकायत मिलने पर ऐसे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

 

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