प्रदूषण कम करेंगे पराली प्रबंधन यंत्र, ऑनलाइन टोकन से मिलेगा अनुदान

प्रदूषण कम करेंगे पराली प्रबंधन यंत्र। मिलेगा अनुदान।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 08:30 AM (IST) Author: Narendra Kumar

मुरादाबाद (तेजप्रकाश सैनी)। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से खेतों में पराली जलाना अपराध है। लेकिन, अब पराली प्रबंधन यंत्र पराली जलाने से रोक सकेंगे। अब खेतों में ही पराली जलाने की वजाए निस्तारित हो जाएगी। जिससे खेतों की उर्वरक क्षमता भी बढ़ेगी। इन यंत्रों की बिक्री के लिए प्रदेश सरकार ने पहले आओ, पहले पाओ की नीति के तहत यंत्रों की बुकिंग किसान सेवा योजना पोर्टल पर शुरू कर दी है। इन यंत्रों की खरीद पर अलग-अलग कीमत के अनुसार 50 से 80 फीसद तक अनुदान मिलेगा। लेकिन, यह अनुदान तभी मिलेगा जब सरकार के पोर्टल पर किसान अपने या परिवार के किसी मोबाइल नंबर से बुकिंग कराएंगे। गैर परिवार के मोबाइल नंबर से बुकिंग कराने पर अनुदान नहीं मिलेगा।

पिछले वर्ष 18 किसान पराली जलाते मिले थे

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा और मूंढापांडे में किसान पराली जलाते हैं। पिछले साल करीब 18 किसानों से जुर्माना वसूला गया था। सेटेलाइट सर्वे के दौरान यह किसान पराली जलाते हुए सामने आए थे।

अक्टूबर व नवंबर में बढ़ता है चार गुना प्रदूषण

खरीफ की फसल कटने के साथ ही किसान खेतों में पराली जलाना शुरू कर देते हैं। जिससे अक्टूबर व नवंबर में प्रदूषण का स्तर चार गुना तक बढ़ जाता है। इसी की रोकथाम के लिए पराली प्रबंधन यंत्र की कई वैरायटी शासन ने उपलब्ध कराई हैं। पोर्टल पर बुकिंग कराने के बाद वह मशीन जिले के डीलर पर आ जाएगी। वहां से ऑनलाइन प्राप्त हुए टोकन व बैंक में जमा धनराशि की रसीद दिखाकर मशीन को किसान प्राप्त कर सकते हैं। डीलर सत्यापन के बाद मशीन उपलब्ध कराएंगे।

ऑनलाइन बुकिंग पर यह यंत्र खरीद सकेंगे

सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रील, पैड़ी स्ट्रॉचापर, श्रेडर, मल्चर, रोटरी स्लैसर, हाइड्रोलिक, रिवर्सेवल,एमबी प्लाऊ, बेलिंग मशीन, क्राप रीडर, स्ट्रा रेक, रीपर म बाइंडर।

खास बातें

10001 से 100000 रुपये के यंत्र पर। 100001 से अधिक वाले यंत्र पर। एक कृषि यंत्र खरीद पर पचास फीसद अनुदान। पांच से 15 लाख के कृषि यंत्र की खरीद पर 80 फीसद अनुदान। फार्म मशीनरी बैंक स्थापना के लिए केवल कृषक उत्पादक संघ लाभार्थी होंगे। किसान अगर डीलर के मोबाइल नंबर से पोर्टल पर यंत्र खरीद की बुकिंग कराता है तो अनुदान नहीं मिलेगा। डीलर के मोबाइल से पोर्टल पर बुकिंग कराने पर डीलर ब्लैक लिस्ट होगा। ऑनलाइन टोकन जनरेट होने के बाद चालान लेकर यूनियन बैंक की शाखा में यंत्र खरीदने को पैसा जमा करना होगा। डीलर पर बुकिंग करने वाले किसानों के यंत्र आ जाएंगे और वहां से रसीद दिखाकर किसान प्राप्त कर लेंगे।

शासन के पोर्टल पर 25 सितंबर से बुकिंग शुरू हो चुकी है। पोर्टल पर बुकिंग करा कर जनरेट हुए टोकन के आधार पर ही किसानों को अनुदान मिलेगा।

ऋतुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी

 

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