Social service in the corona epidemic : अहसास सेवा संस्‍थान ने द‍िखाया बड़ा द‍िल, कोरोना संक्रम‍ितों के शवों की अर्थी को देंगे कंधा

कोरोना संक्रमण से मौत के बाद आस पड़ोसी और रिश्तेदार भी कंधा देने से बच रहे हैं। ऐसे हालात मेें होम आइसोलेशन में मृत्यु के बाद समस्या और गहरा गई है। इस समस्या को देखते हुए अहसास सेवा संस्थान के सदस्यों ने बड़ा दिल दिखाया है।

Narendra KumarTue, 11 May 2021 11:50 AM (IST)
मय्यत व अर्थी को कंधा देने को हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से मौत के बाद आस पड़ोसी और रिश्तेदार भी कंधा देने से बच रहे हैं। ऐसे हालात मेें होम आइसोलेशन में मृत्यु के बाद समस्या और गहरा गई है। इस समस्या को देखते हुए अहसास सेवा संस्थान के सदस्यों ने बड़ा दिल दिखाया है। हेल्पलाइन नंबर जारी करके हिंदू हो या मुस्लिम क‍िसी भी व्‍यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत पर उनकी मय्यत व अर्थी को कंधा देने को हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

9456885502 व 9837638243 हेल्प लाइन नंबर पर इसके ल‍िए संपर्क क‍िया जा सकता है। अहसास सेवा संस्थान के अध्यक्ष हबीब फुरकान ने कहा कि बहुत बुरा वक्त आ गया है। इंसान की मौत पर इंसान ही कंधा देने की स्थिति में नहीं है। ऐसे भी दिन देखने को मिलेंगे, यह सोचा भी नहीं था। संस्थान मय्यत या अर्थी उठाने के लिए के लिए मदद करेगी।

संकट की घड़ी में 120 गरीबों को बांटा राशन

लाकडाउन लगने से गरीबों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। जिससे उनकी मदद को अससास सेवा संस्थान ने राशन बांटा। 120 लोगों निश्शुल्क रूप से राशन बांटा गया। ईद करीब होने के कारण लोगों को आर्थिक संकट में जूझते हुए देख मदद का निर्णय लिया है। यह सेवा जकात के रूप में की जा रही है। हरीब फुरकान ने बताया कि उनके संस्थान की ओर से पिछले साल भी लाकडाउन में राशन का वितरण किया गया था। अब फिर से वही हालत उत्पन्न हो गए हैं।

 

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