पावर कारपोरेशन की दीवारों पर उपभोक्ता देवो भव: का स्लोगन पर कर्मचारी कर रहे इसके उलट व्यवहार

Consumer Devo Bhava पावर कारपोरेशन ने उपभोक्ता देवो भव का स्लोगन दिया था। इसके साथ ही बिजलीघर पहुंचने वाले उपभोक्ता का सम्मान के साथ अच्छे व्यवहार के साथ पेश आना चाहिए। लेकिन उपभोक्ता देवो भवा का कांसेप्ट बिजली कर्मचारियों की समझ में आया ही नहीं।

Samanvay PandeySun, 19 Sep 2021 12:34 PM (IST)
दौलतबाग बिजलीघर पर घंटो परेशान हुए उपभोक्ता, एसडीओ कार्यालय के कर्मचारी करते हैं अभद्र व्यवहार।

मुरादाबाद, जेएनएन। Consumer Devo Bhava : पावर कारपोरेशन ने उपभोक्ता देवो भव: का स्लोगन दिया था। इसके साथ ही बिजलीघर पहुंचने वाले उपभोक्ता का सम्मान के साथ अच्छे व्यवहार के साथ पेश आना चाहिए। लेकिन, उपभोक्ता देवो भवा का कांसेप्ट बिजली कर्मचारियों की समझ में आया ही नहीं। बिजलीघर आने वाले उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार कराने के साथ ही उनसे अभद्र व्यवहार भी किया जा रहा है।

शनिवार को दौलतबाग बिजलीघर, सीतापुरी बिजलीघर पर ऐसे ही मामले सामने आए। बिल कम कराकर जमा कराने गए उपभोक्ता ने जब एसडीओ से मिलने का प्रयास किया तो बाहर खड़े चपरासी ने उपभोक्ताओं को रोक दिया। दो घंटे तक वहीं खड़ा किया। जब उपभोक्ता ने पूछा तो उसे कहा कि अगर बिल कम कराना है तो कराओ। वरना पूरे पैसे जमा कराकर निकाल खाओ। इतना कहने के बाद भी एसडीओ से मिलने नहीं दिया गया। इससे साफ जाहिर है कि उपभोक्ता देवो भवा का किस तरह पालन किया जा रहा है। आप खुद ही समझ सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाएगा।

केस एकः तहसील स्कूल फीडर के मुहम्मद आमिर दौलत बाग बिजलीघर पर बिल जमा कराने के लिए पहुंचे थे। उन्हाेंने एसडीओ से मिलने के लिए कर्मचारी से कहा। लेकिन, कर्मचारी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। दो घंटे तक वहीं रोके रखा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली विभाग के लोग उपभोक्ताओं के साथ किस तरह का व्यवहार करते हैं।

केस दोः जयंतीपुर के रहने वाले मुहम्मद तौफीक की उम्र 55 साल है। वो घर का बिल जमा कराने के लिए सीतापुरी बिजलीघर पर गए थे। बिल जमा करने के लिए कतार लगी थी। उन्होंने बिजली कर्मचारी से अपनी तबीयत खराब होने की बात कही थी। इसके बाद भी कर्मचारी ने एक न सुनी। बुजुर्ग कतार में लगे रहे।

क्या कहते हैं अधिकारीः अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अतिथि देवो भवा का मतलब ये है कि उपभोक्ता की समस्या का तत्काल समस्या का निस्तारण प्राथमिकता के साथ किया जाए। एसडीओ या अन्य अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए हैं। अभद्र व्यवहार कोई करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.