छह माह पहले ब‍िजली चोरी में काटा कनेक्‍शन, फ‍िर उपभोक्‍ता को भेज द‍िया 18 हजार का ब‍िजली ब‍िल

बिजली विभाग की माया निराली है। बिजली चोरी के आरोप में कपड़ा व्यापारी का कनेक्शन छह माह पहले काटने के बाद जून माह का 18 हजार का बिल भेज दिया। बिल देखने के बाद व्यापारी के होश उड़ गए।

Narendra KumarMon, 26 Jul 2021 09:34 AM (IST)
बिजली चोरी प्रकरण की प्रशासनिक अधिकारी जांच कर रहे हैं।

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। बिजली विभाग की माया निराली है। बिजली चोरी के आरोप में कपड़ा व्यापारी का कनेक्शन छह माह पहले काटने के बाद जून माह का 18 हजार का बिल भेज दिया। बिल देखने के बाद व्यापारी के होश उड़ गए। सवाल ये है कि जब कनेक्शन कटा हुआ है तो 18 हजार रुपये का बिल कैसे आ गया। जबकि बिजली चोरी प्रकरण की प्रशासनिक अधिकारी जांच कर रहे हैं।

टैक्सी स्टेंड बिजलीघर के तहत आने वाले बुध बाजार कुंवर सिनेमा के पीछे व्यापारी नवनीत कुमार वाष्र्णेय का कपड़े का शोरूम है। बिजली कनेक्शन उनकी पत्नी कल्पना रानी के नाम पर है। छह माह पहले बिजली टीम ने बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए कनेक्शन काट दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए जांच शुरू करा दी थी। जांच में बिजली विभाग के अधिकारी चोरी पुष्ट नहीं करा पा रहे हैं। वीडियो क्लिप में भी चोरी साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रही है। पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की गई थी। लेकिन, इसमें कोई निणर्य नहीं हुआ है। मामला जांच पर टिका हुआ है। व्यापारी ने सोलर सिस्टम से बिजली संचालित की गई है। लेकिन, शनिवार को व्यापारी के होश उस वक्त उड़ गए जब उन्हें 18 हजार रुपये का बिजली का बिल मिला। उन्होंंने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है। सोमवार को बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। अधिशासी अभियंता ललित चौहान ने बताया कि बिजली कनेक्शन कटा होने पर साफ्टवेयर से काल्पनिक बिल जेनरेट हो जाता है। कनेक्शन की पीडी के समय वो बिल समाप्त हो जाता है।

स्वार समेत सैकड़ों गांव की बिजली व्यवस्था चौपट : रामपुर के स्‍वार में भीषण गर्मी में बिजली विभाग की अंधाधुंध कटौती से क्षेत्रवासियों में हाहाकार मचा है। नन्हे-मुन्ने बच्चों का भी बुरा हाल है। बिजली न मिलने से भीषण गर्मी में लोगो की नींद उड़ गई है। नगर समेत सैकड़ों गांवों में बिजली व्यवस्था चौपट है। क्षेत्र में तीन दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के कहर से बचने के लिए लोग कूलर, पंखे एसी खरीद रहे हैं, लेकिन बिजली न आने के कारण उपकरण शोपीस बने हैं। जनता द्वारा लगातार बिजली कटौती को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद विद्युत विभाग आपूर्ति में कोई सुधार नहीं कर पा रहा है। सैकड़ों गांवों में बिजली आने व जाने का कोई समय नहीं है, लेकिन जनप्रतिनिधि बिजली की समस्या के लिए जहमत तक नही उठा रहे हैं। जिन घरों में इन्‍वर्टर तक नहीं है उन घरों में बिजली जाने के बाद गर्मी से बुरा हाल हो जाता है। ऐसे में लोग कमरों से निकलकर बच्चों के साथ घर की छतों पर चले जाते हैं। पूरी रात हाथ के पंखों के सहारे हवा करके काट देते हैं। समाजसेवियों द्वारा लगातार बिजली विभाग के आला अफसरों से शेडयूल के हिसाब से बिजली दिलाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन अफसर जनहित की समस्याओं पर ध्यान नही दे रहे हैं। सरकार ने भी बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि नगर को 20 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली दी जाए। लेकिन मात्र आठ 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति दी जा रही है। विभागीय अधिकारी सरकार के आदेशों को अनदेखा कर छवि को धूमिल कर रहे हैं। यदि कोई बिजली न आने के कारण फोन पर संपर्क करता है तो बिजली कर्मी कभी लोकल फाल्ट व कभी ब्रेक डाउन का बहाना बनाकर टालमटोल करते रहते हैं। एसडीओ अमरपाल सिंह ने बताया की ओवरलोड के चलते फाल्ट हो रहे हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि शेडयूल के हिसाब से बिजली आपूर्ति दी जाए।

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