Sambhal crime : पैसे के लेनदेन में की गई थी ट्रांसपोर्टर की हत्या, अस्पताल में बरती गई लापरवाही

पैसे के लेनदेन में की गई थी ट्रांसपोर्टर की हत्या।
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 11:17 PM (IST) Author: Narendra Kumar

सम्भल, जेएनएन। गुरुवार की रात अंजुमन मदरसा के निकट खग्गू सराय निवासी 55 वर्षीय ट्रांसपोर्टर महमूद हुसैन की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस पर आरोपितों को पकड़ने का दबाव बढ़ चुका है। देर रात पुलिस ने ट्रांसपोर्टर के पुत्र सुहेल की तहरीर पर खग्गू सराय के चार युवकों को नामजद किया गया है। इन आरोपितों को अभी पुलिस पकड़ नहीं सकी है। इनमें से दो युवकों ने तमंचा से फायर किया था।

मामले के पीछे पैसे के लेनदेन का विवाद सामने आया है। इसके अलावा इन युवकों का ट्रांसपोर्टर के पोते से भी विवाद हुआ था। सुहेल द़्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार महमूद हुसैन अपने घर के पास नदीम की दुकान के पास खड़़े थे तभी मोहल्ले के सलमान पुत्र जरीफ, इमरान व चांद मिया पुत्र गण अनीस, वसीम पुत्र तस्लीम पहुंचे और ललकारा। सलमान और वसीम ने तमंचा निकाला और फायर झोंक दिया। गोली के छर्रे ज्यादा संख्या में ट्रांसपोर्टर पिता को लग गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ हत्या व हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया है। नखासा इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने कहा कि चारों की तलाश में दबिश डाली जा रही है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-

आरोपितों की तलाश में नखासा पुलिस ने डाली दबिश

आरोपितों की तलाश में नखासा पुलिस जुटी है। घटना को अंजाम देने वाले युवक आपराधिक किस्म के हैं और क्षेत्र में इनकी धमक है। इन युवकों द्वारा पहले भी यहां वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इनके आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से संबंध भी हैं। फिल्मी अंदाज में युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया था। भरे चौराहे तमाम लोगों के बीच गोली चलाइ गई थी। पुलिस ने इन युवकों को पकड़ने के लिए रात में ही कई जगह दबिश डाली। यहां तक कि इनके रिश्तेदारों पर भी पुलिस ने निगाह तेज कर दी है।

परिवार संग अफसरों से मिले सपाई, बोले-तत्काल कराई जाए आरोपितों की गिरफ्तारी

सपा सम्भल विधायक नवाब इकबाल महमूद के पुत्र सुहैल इकबाल के साथ ही सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी के साथ ट्रासंपोर्टर के पुत्र सुहेल के साथ ही परिवार के डॉ. वसीम, जहीर खां, एसपी व डीएम से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे लेकिन वहां दोनों अफसर नहीं मिले। ऐसे में ये सीओ और एसडीएम से मिले और अपनी बात रखी। यहां अफसरों को बताया गया इलाज में लापरवाही की गई।

बेटे ने कहा - इलाज के लिए मांगे गए पैसे

मृतक के पुत्र सुहेल ने बताया कि जब घायल पिता को लेकर अस्पताल पहुंचे वहां के कुछ स्टाफ इलाज करने के बजाए पैसे की सेटिंग में लग गए। कहने लगे कि पैसे दे दो केस अच्छा कर देंगे। इसी चक्कर में इलाज में देरी की गई। यदि समय से इलाज मिल जाता तो जान बच जाती। उसने यहां तक कहा कि मेरे पास ज्यादा कीमत का मोबाइल फोन था। इस पर भी उन सबकी नजर थी। यदि पैसे वसूलने की जगह इलाज किया जाता तो यह स्थिति नहीं आती। सुहेल ने अस्पताल के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

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