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रोडवेज ने घाटा कम करने को एसी बसों का बंद किया संचालन, जानिए प्रतिदिन कितने राजस्व का हाे रहा नुकसान

रोडवेज ने घाटा कम करने को एसी बसों का बंद किया संचालन, जानिए प्रतिदिन कितने राजस्व का हाे रहा नुकसान

कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद भी रोडवेज की बसें चल रही है। यात्रियों संख्या कम होने से रोडवेज को प्रतिदिन 60 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। घाटे को कम करने के लिए एसी बसों को चलना बंद कर दिया है।

Ravi MishraWed, 12 May 2021 04:56 PM (IST)

मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद भी रोडवेज की बसें चल रही है। यात्रियों संख्या कम होने से रोडवेज को प्रतिदिन 60 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। घाटे को कम करने के लिए एसी बसों को चलना बंद कर दिया है। केवल साधारण बसों का संचालन किया जा रहा है। आर्थिक संकट के कारण मई में रोडवेज कर्मियों को वेतन मिलने में परेशानी हो सकती है।कोरोना संक्रमण विकराल रुप धारण कर लेने के बाद मई से लॉकडाउन लगाना शुरू हो गया।

दिल्ली की सीमा सील कर दिया। प्रदेश सरकार ने इसके बाद भी रोडवेज की बसों के चलाने का आदेश दे रखा। जिससे आवश्यक कार्य हो वह आसानी से आ जा सके। तीन मई से यूपी रोडवेज की बसों को दूसरे प्रदेश में जाने पर रोक लगा दिया और दूसरे प्रदेश की बसों को यूपी में आने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद को बसों में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई। लम्बी दूरी में कुछ बसें लखनऊ जा रही है।

कुछ बसें मुरादाबाद से चन्दौसी, सम्भल, धामपुर, नजीबाबाद के चलती है। यात्रियों की संख्या कम होने से रोडवेज को लगातार घाटा हो रहा है। रोडवेज प्रबंधन ने घाटे को कम करने के लिए एसी बसों को पूरी तरह से चलना पर रोक लगा दिया है। यात्री मिलने पर केवल साधारण बसें को चला रहा है। अप्रैल माह में रोडवेज प्रतिदिन औसत एक लाख यात्री लेकर चलती थी, जिससे औसत 80 लाख रुपये प्रतिदिन राजस्व मिलता था।

मंडल में इसके लिए सात सौ बसें चलायी जाती थी। रोडवेज प्रबंधन ने अप्रैल में परिवहन विभाग को पैसेंजर ट्रैक्स के रुप में 1.09 करोड़ रुपये जमा किया है। मई में हालत है कि सात सौ बसें में केवल सौ बसे चल रही है। जिससे औसत 20 लाख रुपये राजस्व मिल पा रहा है। जिससे रोडवेज का डीजल व जरूरी खर्च निकल पा रहा है। रोडवेज की आर्थिक स्थिति खराब होने से रोडवेज कर्मियों को मई में वेतन मिलना कठिन हो सकता है।

सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप कुमार नायक ने बताया कि यात्री कम होने से रोडवेज को औसत प्रतिदिन 60 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसकी कारण के एसी बसों को चलना पूरी तरह से बंद कर दिया है। 

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