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नेट मीटरिंग से रेलवे बनेगा आत्मनिर्भर, ग्रीन बिजली से सरकार को भी होगा फायदा Moradabad News

मुरादाबाद (प्रदीप चौरसिया)। रेलवे ग्रीन बिजली का उत्पादन करेगा और बचत की बिजली केंद्र व प्रदेश सरकार को बेचेगा। इसके लिए बरेली व रोजा में तीन मेगावाट बिजली उत्पादन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसे नेट मीटरिंग का नाम दिया है।  

पर्यावरण संरक्षण पर रेलवे का जोर 

रेल प्रशासन स्वच्छता के साथ स्वच्छ वातावरण पर जोर दे रहा है। प्रदूषण कम करने, डीजल की खपत पर नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने के लिए विद्युतीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे ने अब ग्रीन बिजली के माध्यम से आत्मनिर्भर होने की प्लानिंग तैयार की है। अपनी खपत के बाद शेष बिजली केंद्र या राज्य सरकार के पावर कारपोरेशन को बेचेगा। इसके लिए रेलवे अपनी खाली जमीन का उपयोग करेगा।  

स्टेशन पर लगाए जाएंगे सौर ऊर्जा सिस्टम  

सौर ऊर्जा से उत्पादन होने वाली ग्रीन बिजली का प्रयोग अपने लिए करेगा। इसके बाद बिजली की बचत होने पर ग्रिड के माध्यम से पावर कारपोरेशन को बेच देगा। जहां मीटर लगा होगा। जितना बिजली पावर कारपोरेशन लेगा, उसके आधार पर पावर कारपोरेशन भुगतान करेगा। इसके अलावा स्टेशन आदि पर भी सौर ऊर्जा सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इसकी बिजली संरक्षित करने का काम पावर कारपोरेशन करेगा। 

रेलवे रात में पावर कारपोरेशन से बिजली लेकर प्रयोग करेगा। इस योजना का नाम नेट मीटङ्क्षरग दिया है। रेल प्रशासन ने ग्रीन बिजली उत्पादन के लिए सभी रेल मंडल का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुरादाबाद रेल मंडल को प्रथम चरण में तीन मेगावाट बिजली उत्पादन का संयंत्र लगाने का लक्ष्य मिला है। मंडल रेल प्रशासन यह बरेली व रोजा के पास खाली जमीन पर लगाएगा।  

नेट मीटरिंग के तहत सौर ऊर्जा सिस्टम से बिजली उत्पादन करना है। इससे उत्पादन होने वाले बिजली का प्रयोग पहले रेलवे करेगा, बची हुई बिजली पावर कारपोरेशन को बेच दिया जाएगा। 

तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक, मुरादाबाद। 

 

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