अब मुरादाबाद जिला अस्पताल में सुबह आठ से रात 10 बजे तक लगेगा कोरोना संक्रमण से बचाव का टीका

Moradabad Coronavirus Vaccination News कोरोना संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने दफ्तर दुकानों के स्वामी व कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत अब जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक वैक्सीनेशन किया जाएगा।

Samanvay PandeyWed, 27 Oct 2021 10:00 AM (IST)
सीएचसी-पीएचसी पर नौ बजे से शाम छह बजे तक टीकाकरण

मुरादाबाद, जेएनएन। Moradabad Coronavirus Vaccination News : कोरोना संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने दफ्तर, दुकानों के स्वामी व कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत अब जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक वैक्सीनेशन किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक टीकाकरण किया जाएगा।

शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में टीकाकरण बढ़ाने के लिए धार्मिक स्थलों से एलान कराने की व्यवस्था बनाई गई है। जिले में अब तक 1782398 लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। जिले की कुल आबादी 3773268 में तकरीबन 2363233 का लक्ष्य 18 प्लस का रखा गया है। टीकाकरण के लक्ष्य को पार करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमसी गर्ग ने टीकाकरण में तेजी लाने के लिए जिला मुख्यालय पर सुबह आठ से रात 10 बजे तक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर, बिलारी, डिलारी, कांठ, कुंदरकी, मूंढापांडे, ताजपुर, ठाकुरद्वारा में सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि टीकाकरण का समय बढ़ाया गया है। टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। शिफ्टवार ड्यूटी लगा दी गई है। बुधवार से नए शेड्यूल के हिसाब से टीकाकरण कराएंगे।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी-गेट पर नहीं व्हीलचेयर : डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों की भरमार है। गंभीर हालत में मरीज को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं। एक साथ कई-कई मरीज पहुंचने की वजह से स्ट्रेचर घिरी रहती हैं। अस्पताल की व्हीलचेयर गायब हो चुकी हैं। इमरजेंसी गेट पर किसरौल की शहरबानों की हालत बिगड़ गई। उनके पुत्र मुहम्मद आमिर इमरजेंसी में व्हीलचेयर लेने के लिए पहुंचे तो वहां मना कर दिया गया। अस्पताल कर्मचारी बोले यहां व्हीलचेयर नहीं है। दिखवानी पड़ेगी। व्हीलचेयर के चक्कर में मरीज वहीं बैठ गई। 20 मिनट के बाद स्टाफ नर्स ने व्हीलचेयर निकालकर दी। सवाल ये है कि व्हीलचेयर और स्ट्रेचर मरीजों को लाने-लेजाने के लिए है। लेकिन, एक ही व्हीलचेयर को इधर-उधर घुमाया जा रहा है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. शिव सिंह ने बताया कि व्हीलचेयर की कोई कमी नहीं है। चेक कराएंगे कि कहां-कहां व्हीलचेयर रखवाई गई हैं।

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