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नवाब खानदान को संपत्ति के बंटवारे के लिए करना होगा इंतजार

रामपुर (मुस्लेमीन)। नवाब खानदान की अरबों रुपये की संपत्ति का बंटवारा भी लॉकडाउन में लटक गया है। सर्वे और मूल्यांकन का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। अदालत को सर्वे रिपोर्ट का इंतजार है।

रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां की अरबों रुपये की संपत्ति है। इसमें पांच बड़ी अचल संपत्ति हैं, जिनमें कोठी खासबाग, कोठी बेनजीर, कोठी लक्खी बाग, सरकारी कुंडा और नवाब रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा नवाब खानदान के लगभग एक हजार हथियार भी हैं, जिसमें रायफल, रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, तलवारें आदि शामिल हैं। इस संपत्ति पर रजा अली खां के बड़े बेटे मुर्तजा अली खां काबिज रहे। दरअसल पहले राजघरानों के नियमों के मुताबिक नवाब का बड़ा बेटा ही नवाब की संपत्ति पर काबिज होता था।

रामपुर में भी ऐसा ही हुआ। लेकिन, नवाब खानदान के दूसरे सदस्य इसके विरोध में कोर्ट चले गए। उन्होंने तर्क दिया कि जब राजशाही ही नहीं रही तो उसके हिसाब से बंटवारा क्यों किया जाए। उन्होंने संपत्ति में हिस्से की मांग की। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जुलाई में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेेश दिए। जिला जज को दिसंबर 2020 तक बंटवारा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने इसके लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर दिए, जो संपत्ति का सर्वे और मूल्यांकन कर अदालत में रिपोर्ट देंगेे। एडवोकेट कमिश्नर अपने कार्य को तेजी से अंजाम दे रहे थे। लेकिन, लॉकडाउन के चलते मार्च के अंतिम सप्ताह में सर्वे की प्रक्रिया बंद हो गई। एडवोकेट कमिश्नर अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि संपत्ति ज्यादा है, इसलिए समय भी काफी लग रहा है। पक्षकारों ने एक हजार एकड़ संपत्ति बताई थी, ङ्क्षकतु मौके पर कम मिल रही है। राजस्व रिकार्ड के मुताबिक मौके पर जमीन का मिलान किया जा रहा है। चौहद्दी और सीमांकन का कार्य भी किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के मुताबिक जमीन का मूल्यांकन किया जा रहा है। कोठी खासबाग की इमारत के मूल्यांकन के लिए अदालत ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है। अभी उन्होंने मूल्यांकन भी नहीं किया है। 

कचहरी सील, नहीं हुई सुनवाई

नवाब खानदान के बंटवारे की सुनवाई शनिवार को नहीं हो सकी। अब अगली तारीख के बारे में भी सोमवार को ही जानकारी हो सकेगी। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कोरोना पॉजीटिव पाए गए थे। इसके बाद कलेक्ट्रेट और कचहरी को सील कर दिया गया। इसके चलते शनिवार को भी कचहरी बंद रही और मुकदमों की सुनवाई नहीं हो सकी। नवाब खानदान के बंटवारे का मामला जिला जज की अदालत में विचाराधीन है। सिटी मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कचहरी में शनिवार को भी सैनिटाइज किया गया। इसलिए काम बंद रहा।  

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